India-US Trade: आज नहीं इस दिन से लागू होगा 25% अमेरिकी टैरिफ, भारत की टेक्सटाइल-इलेक्ट्रॉनिक्स समेत इन क्षेत्रों पर पड़ेगा असर

India-US Trade: आज नहीं इस दिन से लागू होगा 25% अमेरिकी टैरिफ, भारत की टेक्सटाइल-इलेक्ट्रॉनिक्स समेत इन क्षेत्रों पर पड़ेगा असर

US Tariff: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 07अगस्त से भारत से आयातित वस्तुओं पर 25%टैरिफ लागू करने की घोषणा की है। यह फैसला भारत-अमेरिका के बीच चल रही व्यापार वार्ताओं में प्रगति की कमी और भारत रूस के साथ रक्षा उपकरणों और कच्चे तेल के व्यापार को लेकर ट्रंप प्रशासन की नाराजगी के कारण लिया गया है। बता दें, यह टैरिफ आज यानी एक अगस्त से ही प्रभावी होगा था।

भारत-अमेरिका के बीच व्यापार

अमेरिका ने भारत को अपने सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों में से एक माना है, जहां 2024में द्विपक्षीय व्यापार लगभग 190बिलियन डॉलर तक पहुंचा। हालांकि, ट्रंप ने भारत के उच्च टैरिफ और गैर-टैरिफ व्यापार बाधाओं को 'अनुचित' बताते हुए इस कदम को उचित ठहराया है। भारत ने अमेरिकी कृषि और डेयरी उत्पादों के लिए बाजार खोलने में सख्त रुख अपनाया है, जो व्यापार समझौते में प्रमुख है।

इसके अलावा भारत की रूस से तेल और हथियारों की खरीद ने भी अमेरिका को नाराज किया है, जिस वजह से यह टैरिफ और जुर्माना लागू किया गया। बता दें, 25%टैरिफ का असर भारत के उन सेक्टर्स पर सबसे अधिक पड़ेगा जो अमेरिकी बाजार पर निर्भर हैं। जैसे -

1. टेक्सटाइल और गारमेंट्स: भारत का टेक्सटाइल और गारमेंट उद्योग अमेरिका को निर्यात का एक बड़ा हिस्सा भेजता है। इस सेक्टर में लाखों लोगों को रोजगार मिलता है। 25%टैरिफ के कारण भारतीय उत्पादों की कीमतें बढ़ेंगी, जिससे ये वियतनाम और बांग्लादेश जैसे कम टैरिफ वाले देशों के मुकाबले कम प्रतिस्पर्धी हो जाएंगे। 

2. रत्न और आभूषण: रत्न और आभूषण भारत के प्रमुख निर्यात क्षेत्रों में से एक है, विशेष रूप से हीरे और सोने के उत्पाद। अमेरिका इस सेक्टर का सबसे बड़ा बाजार है। टैरिफ के कारण इन उत्पादों की कीमतें बढ़ेंगी, जिससे मांग में कमी आ सकती है। 

3. ऑटोमोबाइल और ऑटो पार्ट्स: भारतीय ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट्स उद्योग, जिसमें टाटा मोटर्स और समवर्धन मदरसन जैसे बड़े नाम शामिल हैं, को भी झटका लगेगा। टैरिफ के कारण लागत बढ़ने से अमेरिकी बाजार में भारतीय उत्पादों की मांग कम हो सकती है।  

4. इलेक्ट्रॉनिक्स और स्मार्टफोन: भारत हाल ही में स्मार्टफोन निर्यात में चीन को पीछे छोड़कर अमेरिका का प्रमुख आपूर्तिकर्ता बना है। इसका कारण Apple के iPhone का निर्माण करना। हालांकि, 25%टैरिफ इस प्रगति को बाधित कर सकता है। 

5. समुद्री उत्पाद, चमड़ा और रसायन: समुद्री उत्पाद, चमड़ा और रासायनिक उद्योग भी प्रभावित होंगे। क्योंकि ये सेक्टर्स अमेरिकी बाजार पर काफी निर्भर हैं। कीमतों में वृद्धि से इन उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मकता कम होगी।

6. फार्मा: भारतीय उत्पाद के बीच अच्छी खबर यह है कि फार्मास्युटिकल्स और सेमीकंडक्टर्स को टैरिफ से छूट दी गई है। यह भारत के लिए राहत की बात है, क्योंकि अमेरिका भारतीय दवाओं का बड़ा बाजार है। 

7. IT सेक्टर: IT उद्योग पर प्रत्यक्ष टैरिफ का असर नहीं होगा, लेकिन अमेरिकी अर्थव्यवस्था में मंदी की आशंका और कॉर्पोरेट खर्च में कमी से भारतीय आईटी कंपनियों के ऑर्डर प्रभावित हो सकते हैं।

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