
नई दिल्ली: सिर्फ शारीरिक रूप से स्वस्थ होना संपूर्ण स्वस्थ होना नहीं होता। शारीरिक, मानसिक और सामाजिक तीनों स्तर पर संपूर्ण स्वस्थ माने जाते हैं। पिछले कुछ सालों में हम सभी का झुकाव स्वस्थ जीवन की तरफ हुआ है। खासतौर पर कोरोना वायरस महामारी ने हमारा फोकस स्वास्थ्य की तरफ कर दिया है। इसलिए, हर साल 7अप्रैल को दुनिया भर में विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों में स्वास्थ्य की एहमियत के प्रति जागरुकता पैदा करना है।
कोरोना ने हमारा फोकस स्वास्थ्य की तरफ कर दिया है। अब हम सब इस बात पर ज़्यादा ध्यान देते हैं कि क्या खा रहे हैं ताकि बीमारियों से बचे रहें। अब लोग अपनी डाइट में सेहतमंद खाने को ज़रूर शामिल करते हैं और बाहर का खाना कम से कम खाने लगे हैं। साथ ही एक्सरसाइज़ की एहमियत को भी समझा है। इससे काफी पहले विश्व स्वास्थ्य संगठन अपनी तरफ से स्वस्थ जीवन और इससे जुड़ी दिक्कतों से कैसे निपटना है इसके बारे जागरुकता फैला रहा था। संगठन ने हर साल 7अप्रैल के दिन को विश्व स्वास्थ्य दिवस के तौर पर मनाना शुरू कर दिया। हर साल अलग-अलग थीम तय की जाती है, उन स्वास्थ्य मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए जिन पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।
विश्व स्वास्थ्य दिवस की संकल्पना पहली बार 1948में पहली स्वास्थ्य सभा में की गई थी और इसे वर्ष 1950से मनाना शुरू किया गया था। WHO ने साल 1950से हर साल 7अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया। विश्व स्वास्थ्य दिवस डब्ल्यूएचओ की स्थापना को चिह्नित करने के लिए आयोजित किया जाता है। साथ ही इसे संगठन द्वारा हर साल वैश्विक स्वास्थ्य के लिए प्रमुख महत्व के विषय पर दुनिया भर में ध्यान आकर्षित करने के अवसर के रूप में देखा जाता है।
विश्व स्वास्थ्य दिवस 2022 की थीम है 'हमारा ग्रह, हमारा स्वास्थ्य'। इस वर्ष की थीम का उद्देश्य हमारे ग्रह और उस पर रहने वाले मनुष्यों की भलाई की ओर वैश्विक ध्यान आकर्षित करना है।
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