
IAS Pooja Khedkar: इन दिनों महाराष्ट्र कैडर की आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर चर्चाओं में बनी हुई हैं। उनके ऊपर पद का दुरुपयोग करने का आरोप लगा है जिसके कारण उनका ट्रांसफर पुणे से वाशिम कर दिया गया। पूजा का अभी ट्रेनी अफसर थी लेकिन इनके नखरे सातवें आसमान पर थे।
पूजा ने अपने प्रोबेशन पीरियड में वीआईपी नंबर, घर और गाड़ी की डिमांड रख दी जो उनको नहीं मिली। यही नहीं पूजा ने सेपरेट केबिन और अलग स्टाफ की भी मांग रखी थी। पुणे में पूजा असिस्टेंट कलेक्टर के रूप में प्रोबेशन पर थी। कहा जा रहा है कि इन्होंने अपने इसी पीरियड में एडिशनल कलेक्टर का ऑफिस कब्जा कर लिया।
फर्जी सर्टिफिकेट से नौकरी पाने का आरोप
आईएएस अधिकारी पूजा ने यूपीएससी में 821वीं रैंक हासिल की थी इनको लेकर तब विवाद खड़ा हुआ जब अपनी प्राइवेट ऑडी कार पर इन्होंने नीला और लाल बत्ती लगवा ली। अपने प्रोबेशन पीरियड में ही इन्होंने अपनी ऑडी पर महाराष्ट्र सरकार लिखवा लिया। इनके ऊपर फर्जी सर्टिफिकेट से नौकरी पाने का आरोप है। आरोप है कि पूजा ने आरक्षण के लिए फर्जी पिछड़ा दिव्यांग पत्र बनवाया था। सिविल परीक्षा पास करने के बाद इन्होंने फर्जी दिव्यांगता और ओबीसी सर्टिफिकेट जमा किए।
मानसिक बीमारी के जमा किए प्रमाण पत्र
ये भी दावा किया जा रहा है कि इन्होंने ओबीसी और दृष्टिबाधित श्रेणियों के तहत सिविल सेवा परीक्षा दी थी। इसके साथ ही पूजा ने मानसिक बीमारी का प्रमाण पत्र भी जमा किए थे। दिव्यांगता प्रमाण पत्र के वेरिफिकेशन के लिए उनको दिल्ली एम्स जाने के लिए कहा गया था लेकिन कोरोना का हवाला देते हुए पूजा ने ऐसा नहीं किया। इनके पिता पिता बाबासाहेब आंबेडकर के पोते की पार्टी के नेता हैं। चुनावी हलफनामें में इन्होंने 40 करोड़ रुपए की आय दिखाई थी।
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