Uttarakhand News:उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में 12 अक्टूबर 2026 को हरिद्वार के मेला नियंत्रण सभागार में मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य के विकास, युवाओं को रोजगार के अवसर, अग्निवीरों के सेवायोजन, बाढ़ सुरक्षा, आवास और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े 13 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए समूह ‘ग’ के वर्दीधारी पदों पर भर्ती संबंधी नई नियमावली को स्वीकृति दी। इसके अलावा मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना शुरू करने, अग्निशमन सेवाओं के लिए नया विधेयक लाने और जन विश्वास संशोधन विधेयक को विधानसभा में पेश करने का फैसला लिया गया। सरकार के इन फैसलों का उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ युवाओं और आम नागरिकों को लाभ पहुंचाना है।
धामी कैबिनेट ने राज्य की सरकारी सेवाओं में समूह ‘ग’ के सीधी भर्ती वाले वर्दीधारी पदों पर सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए नई क्षैतिज आरक्षण नियमावली, 2026 को मंजूरी दी। नई नियमावली में लिखित परीक्षा और शारीरिक मानक परीक्षा में छूट के प्रावधान शामिल किए गए हैं। इससे पहले 2025 की नियमावली के तहत सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण, अधिकतम आयु सीमा और शारीरिक दक्षता परीक्षा में छूट का प्रावधान था। इसके साथ ही स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत स्वजल और राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के कुल 215 पदों की निरंतरता 1 मार्च 2026 से 28 फरवरी 2027 तक बढ़ाने को मंजूरी दी गई। इनमें स्वजल के 189 और राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के 26 पद शामिल हैं।
बाल वीरता पुरस्कार योजना को मंजूरी, भारतीय ज्ञान परंपरा को मिलेगा बढ़ावा
कैबिनेट ने साहसी बच्चों को सम्मानित करने के लिए मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना को मंजूरी दी। इसके तहत विपरीत परिस्थितियों में असाधारण साहस, पराक्रम, मानवीय संवेदना और वीरता दिखाने वाले बच्चों को सम्मानित किया जाएगा। वहीं, हरिद्वार के ऋषिकुल स्थित श्री मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान के विकास के लिए सोसायटी गठन को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई। संस्थान को योग एवं ध्यान, आयुर्वेद अनुसंधान, ज्योतिष, प्राच्य अध्ययन, ललित कला, हिंदू अध्ययन और आध्यात्मिक पर्यटन के केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। इन फैसलों के जरिए सरकार बच्चों के साहस को प्रोत्साहित करने और राज्य की सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने की दिशा में काम करेगी।
बाढ़ सुरक्षा, अग्निशमन और कारोबार से जुड़े प्रस्तावों पर भी फैसला
कैबिनेट ने उत्तराखंड बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण नियमावली, 2026 को मंजूरी दी। इसका उद्देश्य बाढ़ संभावित क्षेत्रों में निर्माण और भूमि उपयोग को नियंत्रित कर जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसके अलावा उत्तराखंड अग्निशमन एवं आपात सेवा विधेयक, 2026 को विधानसभा में पेश करने की स्वीकृति दी गई। कारोबार को सरल बनाने के लिए द्वितीय उत्तराखंड जन विश्वास संशोधन विधेयक, 2026 को भी मंजूरी मिली। इसके तहत छोटे अपराधों और तकनीकी त्रुटियों से जुड़े प्रावधानों में बदलाव प्रस्तावित हैं। कैबिनेट ने सार्वजनिक परिसंपत्तियों के विनिवेश एवं मुद्रीकरण से प्राप्त आय का 92 प्रतिशत संबंधित सार्वजनिक अभिकरणों को देने संबंधी संशोधन को भी मंजूरी दी। साथ ही विधानसभा के वर्ष 2026 के तीसरे सत्र को बुलाने के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया। हरिद्वार की आवासीय परियोजना के पहुंच मार्ग में शिथिलता, ऊधमसिंह नगर में भू-उपयोग संबंधी रिकॉर्ड की त्रुटि सुधार और संस्कृति विभाग के वित्तीय अधिकारों में बदलाव को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
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