
नई दिल्ली: ट्विटर के बाद अब फेसबुक की पैरेंट कंपनी मेटा अपने कर्मचारियों की छंटनी की तैयारी में लग गई है। मार्क जुकरबर्ग की कंपनी Meta का दावा है कि वहां काम कर रहे कर्मचारियों की इस हफ्ते छंटनी कर सकती है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार रविवार को इस मामले की जानकारी कंपनी के परिचित लोगों से मिली है।
Meta में छंटनी प्रक्रिया 9 नवंबर से शुरू
रिपोर्ट के अनुसार, मेटा इस बुधवार यानि 9नवंबर को कंपनी से बड़े पैमाने पर छंटनी प्रक्रिया शुरू कर देगी। इस हफ्ते छंटनी का असर कंपनी के हजारों कर्मचारियों पर पड़ने वाला है। बताया जा रहा है कि इतने बड़े पैमाने पर छंटनी का ये कदम Meta के इतिहास में पहली बार लिया जाएगा। सितंबर के आखिर में कंपनी ने जानकारी दी थी कि मेटा में कुल 87,000कर्मचारी काम करते हैं।
क्यों लिया मेटा ने ये फैसला
मेटा को इस साल काफी नुकसान झेलना पड़ है जिसका कारण है ग्लोबल इकोनॉमिक ग्रोथ, टिकटॉक से बढ़ता कॉम्पीटीशन, एप्पल की प्राइवेसी नीति में बदलाव ऐसे में मेटावर्स पर किए जा रहे विशाल खर्च और रेगुलेशन की चिंताओं से जूझना पड़ रहा है जिसका असर इसके कारोबार पर आ रहा है। ऐसे में कंपनी के हर महिने नतीजों पर भी असर देखा गया है और अक्टूबर से दिसंबर महिने में भी कमजोर नतीजे आने की आशंका जताई जा रही हैं।
मेटा के शेयर में भारी गिरावट
मेटा को इस साल भारी नुकसान हुआ है। मेटा के शेयर में इस साल कुल 73फीसदी नीचे आ चुका है। जानकारी के अनुसार साल 2016से भी निचले स्तर पर इस साल कंपनी के शेयर रहे। जिस कारण अमेरिकी बाजारों के S&P 500इंडेक्स के सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले शेयर बन चुके है। मेटा के शेयरों की वैल्यू में इस साल करीब 67अरब डॉलर की कमी आई है जिससे कंपनी को बड़ा झटका लगा है।
जुकरबर्ग ने अक्टूबर में दिए थे छटनी के संकेत
खबरों की माने तो अक्टूबर में जुकरबर्ग मे कहा था कि साल 2023में हम अपने निवेश को उच्च प्राथमिकता वाले विकास क्षेत्रों की एक छोटी संख्या पर केंद्रित करने वाले हैं। इसका मतलब है कि कुछ टीमें सार्थक रूप से बढ़ेंगी, लेकिन ज्यादातर अन्य टीमें अगले साल तक कम हो जाएंगी। कुल मिलाकर हम इस बात की उम्मीद करते हैं कि 2023में या तो कर्मचारियों की संख्या यही रहेगी या आज की संख्या से थोड़ी कम होगी।"
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