
India-US Trade: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को वैश्विक व्यापार में बड़ा कदम उठाते हुए अपने व्यापारिक साझेदारों पर 10% से 41% तक के नए रेसिप्रोकल टैरिफ लागू करने का कार्यकारी आदेश जारी किया। यह फैसला अमेरिका के साथ व्यापार समझौते न कर पाने वाले देशों को झटका देगा। व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया कि ये टैरिफ तत्काल प्रभाव से नहीं, बल्कि एक सप्ताह बाद लागू होंगे। भारत के लिए यह खबर चिंताजनक है, क्योंकि अमेरिका के साथ व्यापार वार्ता की समय सीमा 1 अगस्त को समाप्त हो गई, और कोई समझौता नहीं हो सका। अब भारत को अमेरिका में निर्यात किए जाने वाले सामानों पर 25% टैरिफ का सामना करना पड़ेगा।
मेक्सिको, कनाडा और युद्धग्रस्त देशों पर असर
ट्रंप ने मेक्सिको के साथ 90 दिनों की व्यापार वार्ता की घोषणा की, जहां वर्तमान में 25% टैरिफ लागू है, जो पहले धमकी दी गई 30% दर से कम है। इसके अलावा, अमेरिका-मेक्सिको-कनाडा व्यापार समझौते से बाहर रहने वाले कनाडाई उत्पादों पर टैरिफ को 25% से बढ़ाकर 35% कर दिया गया। दुनिया के कुछ सबसे गरीब और युद्धग्रस्त देशों पर भी कठोर टैरिफ थोपे गए हैं। सीरिया पर 41%, लाओस और म्यांमार पर 40%, लीबिया पर 30%, इराक पर 35%, और श्रीलंका पर 20% टैरिफ लगाया गया है। स्विट्जरलैंड को भी 39% की भारी टैरिफ दर का सामना करना होगा।
वैश्विक व्यापार पर प्रभाव
ये नए टैरिफ सात दिनों में लागू होंगे, जिससे प्रभावित देशों को अपनी व्यापार रणनीति पर पुनर्विचार करने का थोड़ा समय मिलेगा। भारत सहित कई देशों के लिए यह आर्थिक चुनौती खड़ी कर सकता है, क्योंकि अमेरिका एक प्रमुख निर्यात बाजार है। ट्रंप का यह कदम वैश्विक व्यापार में तनाव बढ़ा सकता है, और विशेषज्ञों का मानना है कि इससे आपूर्ति श्रृंखला और कीमतों पर भी असर पड़ सकता है।
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