मिल गई गिरगिट की बहन! मरने के बाद भी ये मछली बदलती है अपना रंग, वैज्ञानिक भी हैरान

मिल गई गिरगिट की बहन! मरने के बाद भी ये मछली बदलती है अपना रंग, वैज्ञानिक भी हैरान

Ajab-gajab: गिरगिट....जो कुछ ही सैंकड़ में कई बार अपना रंग बदलता है, लेकिन अब वैज्ञानिकों ने एक अनोखी मछली को खोजा है। जो रंग बदलने के मामले में गिरगिट क माफ कर रही है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि मछली मरने बाद भी अपने परिवेश के मुताबिक अपना रंग बदल सकती है। चलिए आपको इस मछली के बारे में बताते है।

मिल गई गिरगिट के जैसे रंग बदलने वाली मछली

दरअसल वैज्ञानिकों ने हॉगफिश नाम की मछली का पता लगाया है। इस मछली को लैचनोलाईमस मैक्सिमस नाम से जाना जाता है। यह मछली मरने के बाद भी अपना रंग परिवेश के हिसाब से बदल लेती है, जो इसकी सबसे बड़ी खासियत है। यह मछली समुद्र की चट्टानों में रहती है। उत्तरी कैरोलिना से लेकर ब्राजील तक अटलांटिक महासागर में आमतौर पर यह मछली पाई जाती है। शायद मछली दुश्मनों से अपनी रक्षा के लिए और अपने साथी को संकेत देने के लिए ऐसा करती है।
दुश्मनों से बचने के लिए बदलती है रंग

यह उसकी सुरक्षा और परिवार के सदस्यों के साथी को संकेत देने के लिए भी उपयोगी होती है। इसकी बदलती हुई रंगों से वह अपने आसपास के परिवेश में मेल खाकर सामाजिक संबंधों को बनाए रख सकती है और दुश्मनों से बचने में मदद करती है। हॉगफिश की यह रोचकता और विशेषताएँ इसे जीवों की विविधता में एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनाती हैं।

वहीं यह जीवन की एक अनूठी रूपरेखा है जो हमें यह दिखाती है कि प्राकृतिक जीवन कितना रोमांचक और आश्चर्यजनक हो सकता है। वैज्ञानिक का कहना है कि इस प्रक्रिया में त्वचा रंग देने वाले क्रोमैटोफोर के नीचे SWS1 नामक प्रकाश रिसेप्टर्स का काम करता हो। शोधकर्ताओं के मुताबिक, मछलियों को रिसेप्टर्स फीडबैक देते हैं कि उनकी त्वचा के अलग-अलग हिस्सों में कहां और किस प्रकार परिवर्तन हो रहा है।

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