
Niti Aayog Meeting: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शनिवार को नीति आयोग की बैठक में शामिल हुईं। इसके बाद वह नाराज हो गईं और बैठक के बीच से बाहर चली गईं। दरअसल, उनका आरोप है कि उन्हें सिर्फ 5 मिनट बोलने का मौका दिया गया। इसके बाद उन्हें नीति आयोग की बैठक से बाहर आना पड़ा।
दिल्ली में नीति आयोग की बैठक पर पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने कहा, "तीन साल से हमारा 100 दिन का काम(मनरेगा) बंद करके रखा, आवास योजना बंद करके रखा। ऐसे कोई सरकार नहीं चलती। आप अपनी पार्टी और दूसरी पार्टी में भेदभाव नहीं कर सकते, आप केंद्र में सत्ता में हैं। आपको सभी का ध्यान रखना होगा। मैं बोलना चाहती थी लेकिन मुझे सिर्फ 5 मिनट ही बोलने की इजाजत मिली। मुझसे पहले जिन लोगों ने बोला वह 10-20 मिनट तक बोले। विपक्ष की तरफ से मैं अकेली इस बैठक में हिस्सा ली। लेकिन फिर भी मुझे बोलने की अनुमति नहीं दी गई। यह अपमानजनक है।"
इसके अलावा ये भी कहा कि ममता बनर्जी ने कहा, "चंद्रबाबू नायडू ने बैठक(नीति आयोग की बैठक) में 20 मिनट तक अपनी बात रखी, असम, अरुणाचल, छत्तीसगढ़ और गोवा के मुख्यमंत्रियों ने भी 15-20 मिनट तक अपनी बात रखी लेकिन मैंने केवल 5 मिनट बात की और मुझे घंटी बजाकर रोकना शुरू कर दिया गया, मैंने कहा ठीक है अगर आप बंगाल की बात नहीं सुनना चाहते हैं तो ठीक है और मैं बैठक का बहिष्कार करके चली गई।"
बैठक में इन विषयों पर होगी चर्चा
बैठक के दौरान राज्य सरकार की तरफ से नीति आयोग को एक रिपोर्ट सौंपी जाएगी। इस रिपोर्ट के साथ केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से संचालित योजना पर चर्चा होगी। बैठक में 2047 तक 30 ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी, विकसित राष्ट्र में राज्यों की भूमिका, पेयजल-बिजली, स्वास्थ्य, स्कूली शिक्षा, देश-राज्यों के विकास का रोडमैप, केंद्र राज्य सरकारों में सहयोग और डिजिटलीकरण जैसे विष्यों पर चर्चा होगी।
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