Vinesh Phogat and WFI Controversy: दिल्ली हाईकोर्ट ने आज शुक्रवार को भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) को फटकार लगाते हुए विनेश फोगाट को राहत दी है। दरअसल, WFI ने पहलवान विनेश फोगाट को घरेलू टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के लिए अयोग्य करार दिया था। जिस पर कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा कि वह फोगाट की स्थिति का मूल्यांकन करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति गठित करे। उसके बाद 2026 एशियाई खेलों के चयन ट्रायल में उनके हिस्सा लेने पर फैसला किया जाए।
हाई कोर्ट ने WFI को लगाई फटकार
बता दें, चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की पीठ ने आज WFI के उस फैसले पर सवाल उठाया, जिसमें विनेश को 26 जून 2026 तक घरेलू प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया था। कोर्ट ने साफ तौर पर कहा कि WFI का बड़े खिलाड़ियों को मौका न देना, उनकी नीयत पर सवाल उठाने जैसा है। हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को विशेषज्ञ समिति गठित करे और विनेश फोगाट का मूल्यांकन करने के निर्देश दिए हैं। समिति का काम यह सुनिश्चित करना होगा कि विनेश को ट्रायल में भाग लेने का उचित अवसर मिले।
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WFI का विवादित फैसला
दरअसल, 09 मई 2026 को WFI ने विनेश फोगाट को कारण बताओ नोटिस जारी कर उन्हें अनुशासनहीनता और एंटी-डोपिंग नियमों के उल्लंघन के आरोप में 26 जून तक अयोग्य घोषित कर दिया था। संघ का आरोप था कि विनेश ने संन्यास से वापसी के बाद UWW के नियमों के तहत अनिवार्य छह महीने का नोटिस पीरियड पूरा नहीं किया। विनेश फोगाट ने जुलाई 2025 में बच्चे को जन्म दिया था और दिसंबर 2025 में संन्यास वापस लिया था।