Paris Olympics 2024: क्या टैटू बना मनु भाकर की सफलता का कारण? जानें आखिर उनको कहां से मिली इसकी प्रेरणा

Paris Olympics 2024: क्या टैटू बना मनु भाकर की सफलता का कारण? जानें आखिर उनको कहां से मिली इसकी प्रेरणा

Paris Olympics 2024: महिला निशानेबाज मनु भाकर ने रविवार को 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया था। इसके साथ ही मनु ने पेरिस ओलंपिक में भारत के पदक का खाता खोल दिया था। वह पेरिस में पदक जीतने वाली पहली महिला भारतीय निशानेबाज बनीं। जीत के बाद मनु भाकर ने खुद कहा था कि वह भगवत गीता से काफी प्रेरित हैं और इसकी मदद से वह भारत के लिए पहला मेडल जीतने में सफल रहीं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस सफलता में एक टैटू ने भी अहम भूमिका निभाई है?

बता दें कि, मनु ने अपने शरीर पर एक टैटू बनवा रखा है, जिसने उन्हें ओलंपिक में मेडल जीतने के लिए प्रेरित किया है। टोक्यो ओलंपिक के दौरान खराब प्रदर्शन के बाद मनु ने खुद को प्रेरित रखने के लिए गर्दन के पीछ 'स्टिल आई राईज'का टैटू बनवाया है,जिसका हिंदी में अर्थ है 'मैं अभी भी कामयाब हो सकती हूं' का टैटू गुदवा रखा है।

आखिर इसके लिएउनको कहां से मिली प्रेरणा?

'स्टिल आई राइज' का यह टैटू उन्होंने एक मशहूर कवयित्री की कविता से प्रेरित होकर बनवाया था। इस कवयित्री का नाम माया एंजेलो है, जो एक प्रसिद्ध अमेरिकी लेखिका, गायिका और सामाजिक कार्यकर्ता थीं। उन्होंने 'स्टिल आई राइज' शीर्षक से एक कविता लिखी थी, जो वर्ष 1978 में प्रकाशित हुई थी। जो लोग कठिनाइयों से घिरे हुए हैं और उनके मन में निराशा के अलावा और कुछ नहीं है, यह कविता उन्हें कठिनाइयों को दूर करने और फिर से खड़े होने के लिए प्रेरित करती है। टोक्यो ओलंपिक में हार के बाद इस कविता ने मनु भाकर को भी प्रेरित किया है।

शरीर पर टैटू बनवाने से भाग्य पर पड़ता है असर?

फैशन और स्टाइल के लिए लोग अपने शरीर पर कई तरह के चिन्ह गुदवाते हैं। कुछ लोग अपने शरीर पर धर्म से जुड़े प्रतीकों को टैटू के रूप में बनवाना पसंद करते हैं। लेकिन आपको बता दें कि ज्योतिष शास्त्र के अनुसार व्यक्ति जिस तरह का टैटू बनवाता है उसका असर उसकी मानसिक स्थिति पर असर पड़ता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार धर्म से जुड़े टैटू व्यक्ति के व्यवहार और मन पर प्रभाव डाल सकते हैं। शायद यही वजह हो सकती है कि मनु भाकर ने भी 'स्टिल आई राइज' को चुना। जिसका परिणाम भी आज हम देख रहे हैं।

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