
Dravid Not Keen To Continue In Head Coach: भारतीय टीम ने विश्व कप में शानदार प्रदर्शन किया है, अपने पहले मैच से लेकर सेमीफाइनल तक भारत सभी मुकाबले जीते है। लेकिन वहीं अब भारत के बैकरूम स्टाफ में एक बड़ा फेरबदल हो सकता है, मुख्य कोच राहुल द्रविड़ कथित तौर पर भारतीय टीम के लिए अपनी भूमिका जारी रखने के इच्छुक नहीं हैं। द्रविड़, जो भारत के हालिया वनडे विश्व कप 2023 अभियान के शीर्ष पर थे, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ T20Iश्रृंखला के लिए टीम के साथ नहीं हैं। द्रविड़, जिनका टीम के साथ अनुबंध समाप्त हो गया है, विश्व कप 2023 के पूरा होने के बाद भारत के मुख्य कोच के रूप में अपने भविष्य को लेकर अनिश्चित हैं।
अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में विश्व कप 2023 के फाइनल में भारतीय टीम हार गई। क्रिकेट प्रेमियों के लिए ये हार दिल तोड़ने वाली थी। इसके अलावा यह मैच अब किसी और वजह से भी याद किया जाएगा। टाइम्स ऑफ इंडिया को पता चला है कि भारतीय मुख्य कोच के रूप में यह राहुल द्रविड़ का आखिरी मैच था। 2021 T20 वर्ल्ड कप के बाद द्रविड़ को मुख्य कोच पद की जिम्मेदारी मिली। उनका दो साल का कॉन्ट्रैक्ट वर्ल्ड कप के साथ खत्म हो गया है।
कोच नहीं बने रहना चाहते हैं द्रविड़
BCCIके कई सूत्रों ने पुष्टि की है कि महान बल्लेबाज राहुल द्रविड़ भारतीय टीम के मुख्य कोच नहीं बने रहना चाहते हैं। उन्होंने इसकी जानकारी BCCIको भी दे दी है। भारतीय टीम में द्रविड़ का स्थान उनके पूर्व बल्लेबाज साथी और करीबी दोस्त वीवीएस लक्ष्मण को मिलना तय है। एनसीए प्रमुख लक्ष्मण ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शुरू होने वाली 5 मैचों की T20 सीरीज में टीम इंडिया के मुख्य कोच की भूमिका निभा रहे हैं। इससे पहले भी वह कई बार द्रविड़ की अनुपस्थिति में मुख्य कोच की भूमिका निभा चुके हैं।
लक्ष्मण ने BCCIअधिकारी से मुलाकात की
लक्ष्मण के बारे में सूत्र ने कहा, 'लक्ष्मण ने इस नौकरी के लिए अपनी उत्सुकता जाहिर की है। विश्व कप के दौरान लक्ष्मण इसी सिलसिले में BCCIके शीर्ष अधिकारियों से मिलने अहमदाबाद पहुंचे थे। उन्हें टीम इंडिया के कोच के तौर पर लंबा कॉन्ट्रैक्ट मिलने की संभावना है। अगले महीने का दक्षिण अफ्रीका दौरा नियमित मुख्य कोच के रूप में उनका पहला दौरा हो सकता है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, राहुल द्रविड़ ने BCCIसे कहा है कि उन्हें विश्व कप के बाद पूर्णकालिक कोच बने रहने में कोई दिलचस्पी नहीं है। उन्होंने लगभग 20 वर्षों तक एक खिलाड़ी के रूप में भारतीय टीम के साथ सफर किया है। पिछले कुछ सालों से वह दोबारा ऐसा कर रहे हैं लेकिन अब आगे ऐसा नहीं करना चाहते। वह अपने गृहनगर बेंगलुरु में एनसीए का नेतृत्व करने के लिए तैयार हैं। पहले की तरह, उन्हें चुनिंदा मौकों पर टीम को कोचिंग देने में कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन पूर्णकालिक कोच के तौर पर तो बिल्कुल नहीं।
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