
माइरसवायरस...क्या आप लोगों ने इन वायरस के बारे में कभी सुना है। शायद आप लोगों ने इस वायरस के बारे मं नहीं सुना होता क्योंकि वैज्ञानिकों ने इस वायरस को हाल ही में खोजा है और यह एक विचित्र वायरस माना जा रहा है।
दरअसल लैटिन भाषा में माइरस का मतलब विचित्र (Strange) होता है। ये वायरस समुद्रों में प्लैंकटॉन्स (Planktons) को संक्रमित कर चुके है। चाहे वह आर्कटिक महासागर हो या अंटार्कटिक. हर जगह ये वायरस मौजूद हैं। ये माइरसवायरस वायरसों के बड़े समूह डुप्लोडीएनएवीरिया (Duplodnaviria) का हिस्सा हैं। इसी बड़े समूह में हर्पिस वायरस भी आते हैं। जो बड़े पैमाने पर जानवरों और इंसानों को बीमार और संक्रमित करते हैं।
हर्पिस वायरस और माइरसवायरस एक दूसरे से जेनेटिक रिश्ता रखते हैं, लेकिन माइरसवायरस में जायंट वायरस वैरीडीएनएवीरिया (Varidnaviria) के जेनेटिक मटेरियल भी हैं।
क्या है माइरसवायरस
माइरसवायरस एक प्रकार का वायरस है जो समुद्र में पाए जाते हैं। इनका आकार बहुत छोटा होता है जो कि अन्य जीवों द्वारा उनके संवर्धन न कर पाने के कारण वे बहुत समय से जाने अज्ञात थे। माइरसवायरस की खोज माइरा प्रोगलियोटी (Miroslav Přikryl) नामक चेक जैवविद्याविद् द्वारा की गई थी।
ये वायरस समुद्री जीवों पर प्रभाव डालते हैं और साथ ही समुद्री रसायनों को ट्रांसफर करते हैं जो जीवों के आधुनिक उत्पादन में मदद करते हैं। माइरसवायरस आमतौर पर समुद्र के गहराई में पाए जाते हैं और वे तब पाए जाते हैं जब संतुलित पोषण उपलब्ध न होता है। इनकी विशेषता यह है कि वे बहुत समय तक अपनी जीवित रहने के लिए अपने माध्यम से आत्मा रक्षा कर सकते हैं जो उन्हें शैथिल करने वाली तत्वों से बचाती हैं।
माइरसवायरस लक्षण
माइरसवायरस के लक्षणों के बारे में अभी तक बहुत कम जानकारी है क्योंकि ये बहुत छोटे आकार वाले वायरस होते हैं जो आमतौर पर नगेबाजों द्वारा देखे नहीं जा सकते हैं। हालांकि, इन वायरसों के अनुसंधान के दौरान वैज्ञानिकों ने इनके कुछ लक्षणों की रिपोर्ट की हैं।
माइरसवायरस संबंधी अध्ययनों में देखा गया है कि इन वायरसों के विषाणु आकार के होने के कारण इनमें लक्षणों की संख्या काफी कम होती है। ये वायरस अपने माध्यम से अपनी आत्मा रक्षा कर सकते हैं जो इन्हें शैथिल करने वाली तत्वों से बचाती हैं। इनमें कोई अलग शारीरिक लक्षण या रोग प्रतिक्रियाएं नहीं होती हैं।इसलिए, इन वायरसों के लक्षणों के बारे में अधिक जानकारी के लिए अधिक अध्ययन की आवश्यकता होती है।
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