रंगभरी एकादशी पर कर लें तुलसी के ये उपाय, बदल सकता है आपका भाग्य

रंगभरी एकादशी पर कर लें तुलसी के ये उपाय, बदल सकता है आपका भाग्य

Rangbhari Ekadashi 2026: रंगभरी एकादशी, जिसे आमलकी एकादशी भी कहा जाता है, फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष में होली से पहले मनाई जाती है। साल 2026 में यह शुभ तिथि 27 फरवरी को पड़ रही है। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से भगवान विष्णु की पूजा करने से जीवन खुशियों के रंगों से भर जाता है। इस दिन व्रत रखने और भगवान नारायण की आराधना का विशेष महत्व होता है। साथ ही तुलसी माता से जुड़े कुछ खास उपाय बताए गए हैं, जो सुख-समृद्धि ला सकते हैं।

आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है

धार्मिक मान्यता के अनुसार एकादशी के दिन तुलसी को जल चढ़ाना या पत्ते तोड़ना वर्जित होता है। इसलिए पूजा में इस्तेमाल होने वाली तुलसी की पत्तियां या कलियां एक दिन पहले ही तोड़ लेनी चाहिए। शाम के समय तुलसी के पौधे के पास 11 घी के दीपक जलाकर 11 बार “महा प्रसाद जननी...” मंत्र का जाप करने से घर की परेशानियां दूर होती हैं। मानसिक शांति के लिए तुलसी की जड़ों की मिट्टी से तिलक लगाना शुभ माना जाता है। इससे आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।

इस मंत्र का करें जाप

घर में सुख-समृद्धि के लिए तुलसी माता को लाल चुनरी ओढ़ाना भी लाभकारी माना गया है। वहीं तुलसी के पास बैठकर “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का 108 बार जाप करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं। आर्थिक तंगी से राहत पाने के लिए तुलसी की कलियों को कच्चे गाय के दूध में मिलाकर भगवान विष्णु को अर्पित करने की परंपरा है। इसके अलावा पीले धागे को तुलसी के गमले या तने के चारों ओर सात बार लपेटते हुए अपनी इच्छा मन में दोहराने से घर में शांति आती है।

कलियां दान करना फलदायी

घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर करने के लिए एक बर्तन में जल लेकर उसमें सूखी तुलसी की पत्तियां मिलाकर पूरे घर में छिड़काव करना भी शुभ माना गया है। तुलसी नमस्कार का पाठ और मंदिर में तुलसी की कलियां दान करना भी विशेष फलदायी बताया गया है। मान्यता है कि इन उपायों से विवाह, करियर और व्यापार में आ रही बाधाएं दूर हो सकती हैं। 

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