Swati Maliwal Joins BJP: राजनीतिक गलियारों में शनिवार को उस समय बड़ी हलचल देखने को मिली जब यह खबर सामने आई कि स्वाति मालीवाल ने कथित तौर पर भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने का ऐलान किया है। हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल पूरी तरह स्पष्ट नहीं है, लेकिन सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में इसे लेकर तेज चर्चा जारी है।
किसी दबाव में नहीं लिया फैसला- स्वाति मालीवाल
रिपोर्ट्स के अनुसार, स्वाति मालीवाल ने यह भी कहा कि उन्होंने ये फैसला किसी दबाव में नहीं बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विश्वास के कारण लिया है। उन्होंने लोगों से अपील की कि जो भी लोग रचनात्मक राजनीति करना चाहते हैं, वे बीजेपी से जुड़ें। इसी बीच उन्होंने आम आदमी पार्टी (AAP) और इसके प्रमुख अरविंद केजरीवाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मालीवाल के हवाले से कहा जा रहा है कि वे वर्ष 2006 से पार्टी से जुड़ी थीं और कई आंदोलनों में साथ रहीं, लेकिन बाद में उनके साथ गलत व्यवहार किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें धमकाया गया और संसद में बोलने का मौका भी सीमित किया गया।
स्वाति मालीवाल ने किया दावा
उन्होंने यह भी दावा किया कि पार्टी में उनके साथ अन्याय हुआ और जब उन्होंने आवाज उठाई तो उन्हें दबाने की कोशिश की गई। इन आरोपों को लेकर AAP की तरफ से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इसी बीच राजनीतिक चर्चाओं में यह भी सामने आया कि इससे पहले कुछ सांसदों के बीजेपी में शामिल होने की खबरें भी सामने आई थीं, जिनमें राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल के नाम शामिल थे। हालांकि इन दावों को लेकर भी अलग-अलग तरह की रिपोर्ट्स सामने आ रही हैं।
स्वाति ने की पीएम की तारीफ
स्वाति मालीवाल के बयान में प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों की सराहना करते हुए कहा गया कि उनके नेतृत्व में देश ने कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। उन्होंने कहा कि वह अब उसी विचारधारा के साथ आगे बढ़ना चाहती हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने दिल्ली और राष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। हालांकि अभी तक किसी भी पार्टी ने इस बदलाव को पूरी तरह से आधिकारिक रूप से स्वीकार या स्पष्ट नहीं किया है, जिससे मामला और अधिक चर्चा में