
NEET Paper Leak Case: विवादो से घिरी नीट-यूजी 2024(NEET-UG) परीक्षा पर गुरुवार यानी कि आज सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला सुना सकता है। NEET एग्जाम 5 मई को आयोजित हुआ था, जिसके बाद लगातार देशभर में विरोध प्रदर्शन जारी है। वहीं सीबीआई ने पटना एम्स के तीन डाक्टरों को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई है। तीनों 2021 बैच के स्टूडेंट बताये जा रहे है। इस मामले पर दायर ज्यादातर याचिकाओं पर सुनवाई पूरी हो चुकी है। सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर 18 जुलाई के लिए अपलोड की गई वाद सूची के मुताबिक, चीफ जस्टिस डी. वाई. चंद्रचूड़, जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की पीठ 40 से ज्यादा याचिकाओं पर सुनवाई करेगी, इनमें राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी NTA की याचिका भी शामिल है।
परीक्षा में आने वाले सभी छात्रों के नंबर सार्वजनिक किए जाएं- सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा अंतरिम आदेश देते हुए कहा कि UG NEET की परीक्षा में हाजिर होने वाले छात्रों के नंबर सार्वजनिक किये जाएं, पर यह ध्यान रखा जाए कि किसी छात्र की पहचान सामने ना आए। इससे एक पारदर्शिता जरूर मिलेगी. इससे छात्रों को यह भी पता चलेगा कि किस सेंटर से किस तरह के नतीजे आए हैं। शनिवार दोपहर 12 बजे तक रिजल्ट को सार्वजनिक करें, ऑनलाइन अपडेट किया जाए। CJI ने कहा कि अब इसमें तो कोई दो राय नहीं कि हजारीबाग में पटना में लीक हुआ है। अब हमको यह देखना है कि यह कितना व्यापक तौर पर हुआ है।
क्वेश्चन पेपर की डिलीवरी पर भी उठा सवाल
याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि अब आते हैं हिरासत की कड़ी पर। उनका मामला यह है कि क्वेश्चन पेपर 24अप्रैल को एक निजी कूरियर कंपनी के माध्यम से केंद्रों पर भेजे गए थे। यह 3मई को एसबीआई और केनरा बैंक के 571शहरों में मौजूद ब्राचों में पहुंचे। सीजेआई ने कहा कि उन्हें 24अप्रैल को भेजा गया और 3मई को प्राप्त किया गया, इसलिए समय अंतराल लगभग 9दिन है। सॉलिसिटर जनरल ने तुरंत कहा कि प्रिंटर से लेकर सेंटर तक पूरी चेन की जांच सीबीआई ने की है, सीलिंग कैसे हुई, जीपीएस ट्रैकिंग कैसे हुई, डिजिटल लॉकर हैं। वो डिटेल मैंने दे दी है। इसमें 7-लेयर सेफ्टी सिस्टम है।
छात्रों के पास सेंटर चुनने का विकल्प नहीं- एनटीए
सुनवाई के दौरान जब पेपर लीक को लेकर बात होने लगी तो चीफ जस्टिस ने एनटीए के वकील से पूछा कि जब उम्मीदवार एप्लिकेशन फॉर्म भरते हैं, तो उन्हें शहर या केंद्र का विकल्प चुनना होता है? इसके जवाब में एनटीए के वकील ने हां कहा। वकील ने बताया कि छात्रों के पास शहर चुनने का ऑप्शन होता है, वे सेंटर का चुनाव नहीं कर सकते हैं।
12राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश से आते हैं टॉपर्स
चीफ जस्टिस ने कहा कि टॉप 100 छात्रों में से आंध्र प्रदेश, बिहार, गुजरात से सात छात्र हैं। हरियाणा से चार, दिल्ली से तीन, कर्नाटक से छह, केरल से पांच, महाराष्ट्र से पांच, तमिलनाडु से आठ, यूपी से छह और पश्चिम बंगाल से पांच छात्र हैं। ऐसा लगता है कि टॉप 100 में आने वाले छात्र पूरे देश में फैले हुए हैं। वे 12 राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश से आते हैं।
'IIT की रिपोर्ट भरोसमंद नहीं'
वकील हूडा ने कहा कि 'आईआईटी मद्रास की डेटा एनालिसिस रिपोर्ट पर भरोसा नहीं किया जा सकता। इसमें conflict of interest है। क्योंकि आईआईटी मद्रास के डायरेक्टर एनटीए गवर्निंग बॉडी के सदस्य हैं।' इसपर SG ने कहा कि 'ये गलत है। जो भी आईआईटी जेईई एडवांस्ड कराती है उसके चेयरमैन एनटीए के सदस्य होते हैं। लेकिन जिस डायरेक्टर ने ये रिपोर्ट तैयार की, वो मेंबर नहीं हैं। उन्होंने प्रो गोपालाकृष्णन को NTA की मीटिंग्स अटेंड करने के लिए भेजा था।'
नीट पर SC में सुनवाई हुई शुरू
नीट पेपर लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू हो गई है। अदालत की कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग आप अपने टीवी और मोबाइल स्क्रीन्स पर देख सकते हैं।
सुप्रीम कोर्ट 40 से ज्यादा याचिकाओं पर करेगा सुनवाई
नीट मामले में जिन 40 से ज्यादा याचिकाओं पर आज सुनवाई होनी है, उनमें NTA की वह याचिका भी शामिल है, जिसमें अलग-अलग हाई कोर्ट में उसके खिलाफ लंबित मामलों को सुप्रीम कोर्ट में स्थानांतरित करने का अनुरोध किया है।
जालसाजों को किसने दी ट्रक की खबर?
नीट पेपर लीक करने वाले जालसाजों को ट्रक की खबर किसने दी, सीबीआई ये तलाश करने की कोशिश कर रही है। जांच एजेंसी ने मंगलवार को जिस पंकज नाम के शख्स को गिरफ्तार किया था, खबर के मुताबिक उसी ने ट्रक से पेपर चुराया था।
बता दें कि सुनवाई से पहले NTA ने सुप्रीम कोर्ट में लिखित जवाब दाखिल कर दिया है। NTA ने कहा है कि ये कोई सिम्टमैटिक फेलियर नहीं था, एजेंसी का कहना है कि बिहार में जिन घटनाओं का जिक्र किया जा रहा है, उनकी जांच चल रही है। बिहार की घटना एक आपराधिक गतिविधि है। बिहार पुलिस की तरफ से जांच शुरू की गई थी, जिसे ईओयू विंग को सौंप दिया गया था। इसके बाद केंद्रीय स्तर पर नीट मामलों की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो को ट्रांसफर कर दी गई। एनटीए ने कारण बताओ नोटिस जारी करने के बाद 17 संदिग्ध उम्मीदवारों के परिणाम रोक दिए है।
सुनवाई पर 23 लाख अभ्यर्थियों की नजर
नीट यूजी मामले में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर 23 लाख से अधिक अभ्यर्थियों की नजर है। सुप्रीम कोर्ट में जो याचिकाएं डाली गई है, उनमें अनियमितताओं की जांच, परीक्षा रद्द करने और फिर परीक्षा आयोजित करने वाली याचिकाएं शामिल है। 5 मई को यह परीक्षा हुई थी। 4 जून को इसके नतीजे घोषित हुए थे। परिणाम जारी होते ही इस परीक्षा में गड़बड़ी और पेपर लीक के आरोप लगने लगे।
मामले में अब तक 15 आरोपी गिरफ्तार
नीट यूजी पेपर लीक मामले में याचिकाकर्ताओं के वकील का कहना है कि बड़े पैमाने पर पेपर लीक की घटना हुई है। एनटीए और शिक्षा मंत्रालय की ओर से कोर्ट को भटकाने का काम किया जा रहा है। नीट पेपर लीक लोकल घटना नहीं है। इस मामले में अब तक 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सीबीआई इस पूरे मामले की जांच कर रही है।
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