
Paris Olympics 2024: पेरिस ओलंपिक 2024 की शुरुआत 26 जुलाई से होने जा रही है। ऐसे में इस बार ओलंपिक की मेजबानी करना आसान नहीं है। वहीं इस बार ओलंपिक खेलों के आयोजन पर कुल 61,500 करोड़ रुपए खर्च किए गए है। इस बार पेरिस के अलावा फ्रांस के 16 अलग-अलग शहरों में खेलों का आयोजन किया जाएगा। जिसमें 10 हजार से ज्यादा एथलीट हिस्सा लेंगे। इसके साथ ही भारत से इस बार 117 एथलीट के साथ 140 सपोर्ट स्टाफ यूरोप की यात्रा करेंगे। हालांकि, शॉटपुट खिलाड़ी आभा कठुआ का नाम लिस्ट में शामिल नहीं किया गया, जबकि उन्होंने विश्व रैंकिंग कोटा के माध्यम से पेरिस ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया था।
पेरिस ओलंपिक के लिए डिजाइन किए गए खास मेडल
ओलिंपिक में हले स्थान पर रहने वाले को गोल्ड, दूसरे स्थान पर आने वाले को सिल्वर और तीसरे वाले को ब्रॉन्ज मेडल दिया जाता है। इस दौरान कई खेलों में चौथे स्थान पर रहने वाले खिलाड़ी को भी ब्रॉन्ज मेडल मिलता है। इस बार पेरिस ओलिंपिक के लिए तैयार किए गए मेडल में एफिल टावर के लोहे का टुकड़ा लगाया गया है। हर मेडल में लगे एफिल टावर के टुकड़े का वजन 18 ग्राम है। इसकी मोटाई 9.2 एमएम है, जबकि डायमीटर 85 एमएम होगी। इसके साथ ही पेरिस ओलंपिक 2024 के लिए कुल 5084 मेडल बनाए गए हैं। जिसमें गोल्ड मेडल का वजन 529 ग्राम और सिल्वर मेडल का वजन 525 ग्राम हैं, तो वहीं ब्रॉन्ज मेडल 455 ग्राम का है।
खेल मंत्रालय की तरफ से भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा को लिखे गए पत्र में कहा गया है कि, ओलंपिक खेल 2024 की आयोजन समिति के मानदंडों के अनुसार सहयोगी स्टाफ के 67 सदस्य ही खेल गांव में रुक सकते हैं जिनमें आईओए के 11 अधिकारी भी शामिल हैं। अधिकारियों में पांच सदस्य चिकित्सा दल के हैं। खिलाड़ियों की जरूरतों को पूरा करने के लिए सरकार की लागत पर 72 अतिरिक्त कोच और अन्य सहायक कर्मचारियों को मंजूरी दी गई है और उनके ठहरने की व्यवस्था होटल-खेल गांव के बाहर के स्थानों में की गई है।
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