Yamuna Expressway-KGP Link: दिल्ली-NCR के यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। यमुना एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (कुंडली-गाजियाबाद-पलवल एक्सप्रेसवे - केजीपी) को सीधे जोड़ने वाले इंटरचेंज का निर्माण कार्य तेज गति से चल रहा है। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद गाजियाबाद, हापुड़, मेरठ और पूर्वी दिल्ली से आगरा, मथुरा और जेवर एयरपोर्ट जाने वाले वाहन चालकों को परी चौक और कासना के जाम भरे चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। NHAI और यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (YEIDA) के इस संयुक्त प्रोजेक्ट को NCR की कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
प्रोजेक्ट की मुख्य बातें
स्थान: जगनपुर-अफजलपुर गांव (ग्रेटर नोएडा) के पास, यमुना एक्सप्रेसवे के जीरो पॉइंट से करीब 10 किमी की दूरी पर।
लागत: लगभग ₹222 से ₹270 करोड़।
संरचना: 11 किलोमीटर लंबा इंटरचेंज जिसमें 8 लूप (क्लोवरलीफ स्टाइल) बनाए जाएंगे।
भूमि: 60 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण पूरा हो चुका है।
समय-सीमा: निर्माण कार्य पहले ही शुरू हो चुका है। जुलाई 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है।
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कितनी सुविधा मिलेगी?
वर्तमान में केजीपी से यमुना एक्सप्रेसवे पर चढ़ने के लिए वाहनों को 15-20 किलोमीटर अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ता है। परी चौक और कासना इलाके में भारी ट्रैफिक जाम की समस्या आम है। नया इंटरचेंज बनने से:
1. गाजियाबाद, हापुड़ और मेरठ से आने वाले वाहन सीधे यमुना एक्सप्रेसवे पर पहुंच सकेंगे।
2. आगरा-मथुरा से लौटने वाले यात्रियों को भी पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर चढ़ने के लिए लंबा चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।
3. जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।
4. ईंधन की बचत के साथ यात्रा समय में काफी कमी आएगी।