
India Warns Pakistan: पाकिस्तान लगातार भारत के खिलाफ बयानबाजी कर रहा है। हाल ही में, पाकिस्तान ने युद्ध भड़काने वाले बयानों और सिंधु जल समझौते को लेकर टिपण्णी की थी। लेकिन भारत ने तथाकथित मध्यस्थता न्यायालय (Court of Arbitration) के फैसले को सिरे से खारिज कर दिया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तान को संयम बरतने की चेतावनी दी और भारत-अमेरिका के बीच मजबूत रणनीतिक साझेदारी को रेखांकित किया।
पाकिस्तान की धमकियों पर भारत का जवाब
पाकिस्तान की ओर से लगातार युद्ध भड़काने वाले बयान और परमाणु धमकियां सामने आ रही हैं। विशेष रूप से, पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर द्वारा अमेरिकी धरती से भारत के खिलाफ दी गई धमकी ने तनाव को और बढ़ाया है। इसके जवाब में भारत ने स्पष्ट किया कि ऐसी बयानबाजी पाकिस्तान की पुरानी रणनीति है, जिसका उद्देश्य अपनी आंतरिक नाकामियों को छिपाना है। रणधीर जायसवाल ने सख्त लहजे में कहा 'पाकिस्तान को अपनी बयानबाजी में संयम बरतना चाहिए। किसी भी दुस्साहस का परिणाम दर्दनाक होगा।'
सिंधु जल समझौते पर भारत का जवाब
सिंधु जल समझौते को लेकर तथाकथित मध्यस्थता न्यायालय के फैसले को भारत ने पूरी तरह खारिज कर दिया। रणधीर जायसवाल ने कहा 'भारत ने इस तथाकथित कोर्ट की वैधता, अधिकारिता या सक्षमता को कभी स्वीकार नहीं किया। इसका कोई कानूनी आधार नहीं है।'
उन्होंने दोहराया कि 27 जून 2025 को भारत ने इस समझौते को निलंबित करने का संप्रभु निर्णय लिया था, जो पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित सीमा-पार आतंकवाद और पहलगाम हमले के जवाब में था। इसके अलावा भारत ने अटारी बॉर्डर सील कर दिया, अपने हवाई क्षेत्र को पाकिस्तान के लिए बंद कर दिया और द्विपक्षीय व्यापार भी रोक दिया है।
भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी
इसी के साथ भारत ने अमेरिका के साथ अपने गहरे रणनीतिक संबंधों पर जोर देते हुए कहा कि दोनों देशों की साझेदारी साझा हितों और लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित है। जायसवाल ने आगे बताया कि अगस्त 2025 में अमेरिका की एक डिफेंस पॉलिसी टीम भारत का दौरा करेगी और 21वां भारत-अमेरिका संयुक्त सैन्य अभ्यास अलास्का में होगा। इसके अलावा दोनों देश इस महीने के अंत में 2+2 मंत्रिस्तरीय बैठक आयोजित करेंगे।
हालांकि, अमेरिका ने भारत पर रूस से तेल खरीदने के लिए 50% टैरिफ लगाया है, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव बढ़ा है। फिर भी, भारत ने स्पष्ट किया कि वह अपनी रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखेगा और अमेरिका के साथ रक्षा सहयोग को और मजबूत करेगा।
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