
Dhar Bhojshala Case: मध्य प्रदेश में इस मुद्दे पर एक बार फिर सियासी घमासान छिड़ सकता है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने आज धार जिले में स्थित भोजशाला के संबंध में अपनी सर्वेक्षण रिपोर्ट मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय को सौंप दी है। ASIने लगातार 98 दिनों तक भोजशाला का सर्वे किया। 500 मीटर के दायरे का वैज्ञानिक सर्वेक्षण किया और फिर 2000 पेज की रिपोर्ट दाखिल की। अब इस मसले पर 22 जुलाई को सुनवाई होगी। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या हाई कोर्ट इस रिपोर्ट के आधार पर 23 साल पहले लागू की गई व्यवस्था को बदल देगा? इधर, हिंदू पक्ष के वकील ने दावा किया कि सर्वे के दौरान कई ऐसे सबूत मिले जिससे साबित होता है कि यहां मंदिर था।
मूर्तिया मिलना मंदिर होने का सबूत?
ASIने अपनी रिपोर्ट में कहा कि भोजशाला में करीब 97 मूर्तियां मिलीं। इनमें से 37 मूर्तियां देवी-देवताओं की हैं जबकि बाकी मूर्तियां हिंदू धर्म से जुड़ी अन्य चीजों की हैं। इसके अलावा रिपोर्ट में कई ऐसे निष्कर्ष हैं, जो साबित करते हैं कि भोजशाला पहले एक मंदिर था लेकिन मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला मस्जिद मानता है। मुस्लिम पक्ष का कहना है कि मूर्तियां बाद में मंदिर में रखी गईं।
मुस्लिम पक्ष क्या कह रहा है?
जाहिर है कोई भी पार्टी इस पर अपना दावा छोड़ने को तैयार नहीं है क्योंकि ये मामला काफी जटिल है। यह विवाद ब्रिटिश काल से ही चला आ रहा है। ब्रिटिश शासन के दौरान यहां उत्खनन हुआ था। खुदाई के दौरान मूर्तियाँ भी मिलीं लेकिन यह स्पष्ट नहीं हुआ कि यहाँ पर अधिकार हिंदुओं का था या मुसलमानों का। अब जब ASIने वैज्ञानिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट दाखिल कर दी है तो हिंदू पक्ष को उम्मीद है कि भोजशाला का मालिकाना हक उन्हें मिलेगा और वे यहां बेरोकटोक पूजा कर सकेंगे। लेकिन मुस्लिम पक्ष का रुख साफ है। वह साफ तौर पर कह रहे हैं कि भोजशाला यानी जिसे वह कमाल मौला मस्जिद कहते हैं, वहां मूर्तियां रखी गई थीं। मुस्लिम पक्ष का कहना है कि ASIको अपनी रिपोर्ट में यह भी बताना चाहिए कि उसे मिली मूर्तियां किस साल में रखी गई थीं।
ASI सर्वे में क्या मिला?
1- वाग्देवी मां सरस्वती, हनुमान जी, शिव जी, गणेश जी, श्रीकृष्ण, ब्रह्मा जी, वासुकी नाग की मूर्तियां मिलीं।
2- गर्भगृह के पीछे दीवार की संरचना
3- सीढ़ियों के नीचे बंद कमरा
4- 37हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियां
5- प्राचीन आकृति वाले पत्थर मिले
6- ॐ नम: शिवाय और सीता-राम की आकृतियां मिलीं
7- चांदी, तांबे और स्टील के 31 सिक्के मिले
ASI रिपोर्ट में क्या है?
1- सर्वे में 37देवी-देवताओं की मूर्तियां मिली हैं।
2- पुरातत्व विभाग को 1700से ज्यादा अवशेष मिले हैं
3- परमार शासन के दौरान इस्तेमाल की गई चीजें भी मिली हैं।
4- खिड़कियों और खंभों में चार सशस्त्र देवताओं की मूर्तियां
5- कुछ मूर्तियों को खंडित करने का प्रयास किया गया
रिपोर्ट के प्वाइंट नंबर 36 में कहा गया है कि बैंक्वेट हॉल की दीवारों और खंभों पर भगवान गणेश, ब्रह्माजी, नरसिम्हा और भैरव की मूर्तियां हैं। रिपोर्ट के प्वाइंट नंबर 49 में लिखा है कि यहां लिखे शब्द और मंत्र संस्कृत और प्राकृत भाषा में हैं। वे अरबी और फ़ारसी से पहले के हैं, जिससे सिद्ध होता है कि संस्कृत और प्राकृत भाषा का प्रयोग करने वाले लोग भोजशाला में पहले आते थे।इसी तरह, ASIरिपोर्ट के पैराग्राफ 22 और 23 में कहा गया है कि जो संरचनाएं बाद में बनाई गईं, वे जल्दबाजी में बनाई गईं और इसलिए समरूपता और डिजाइन का ध्यान नहीं रखा गया। लेकिन जो संरचना पहले की है वह एक समान आकार और ऊंचाई की है। इससे सिद्ध होता है कि मंदिर की संरचना पहले की है।
Leave a comment