
AJAB-GAJAB: मौत एक ऐसा सत्य है जिससे कोई भाग नहीं सकता है। इसमें हर वो इंसान, जानवर और पक्षी शामिल है जिसने धरती पर जन्म लिया है। या ये कहे कि जिसने भी इस धरती पर जन्म लिया उसकी मृत्यु निश्चित है। लेकिन, धरती की दुनिया में कई ऐसे भी करिश्मे होते है जिससे जानकर हर कोई हैरान होता है। इसमें से एक है वो जगह जहां 100 सालों से किसी भी व्यक्ति की मौत नहीं हुई है। अब आप सोच रहे होंगे कि ऐसा कैसे? तो आज आपको इसी के बारे में बताते है।
सालों से नहीं हुई किसी शख्स की मौत
दरअसल नार्वे में स्थित लॉन्ग इयरबेन (longyearbyen) नाम की एक जगह है। जो कई कारणों की वजह से प्रसिद्ध है। जैसे यहां मई से लेकर जुलाई तक सूरज कभी नहीं डूबता, जिस कारण नार्वे को मिडनाइट सन के नाम से भी जाना जाता है और इतने दिनों तक यहां इतनी ज्यादा ठंड पड़ती है कि किसी का भी खून जम जाए। लेकिन इन सबके बीच इस जगह पर कई सालों से किसी व्यक्ति की मौत भी नहीं हुई है। इसके लिए सरकार ने खुद इस बात का ध्यान रखा है कि इस जगह पर किसी की मौत ना हो।
मौत से लोगों के साथ हुआ है ये काम
हुआं यूं साल 1917 में यहां एक शख्स इनफ्लुएंजा से पीड़ित था और इसी बीमारी के कारण उसकी मौत भी हो गई तो उसे वहीं दफना दिया गया, लेकिन इतने साल बीत जाने के बावजूद उसके शव में अभी तक इनफ्लुएंजा के वायरस मौजूद हैं। इस घटना के बाद यहां की प्रशासन ने तय किया और यहां किसी की भी मौत पर रोक दिया ताकि इस शहर को महामारी से बचाया जा सके।
2000 की आबादी वाले इस शहर में जब किसी व्यक्ति का अंतिम समय आता है तो उसे हेलिकॉप्टर से दूसरी जगह भेज दिया जाता है और वहां उसका अंतिम संस्कार कर दिया जाता है। जिससे शहर को पीड़ित की बीमारियों से बचाया जा सके।
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