Minister Rijiju Lashesh Out On Opposition: केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने AIMIM प्रमुख और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी की तारीफ करते हुए विपक्षी दलों पर निशाना साधा है। 17 अक्टूबर 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर की गई पोस्ट में रिजिजू ने कहा कि कभी-कभी ओवैसी भारत के राष्ट्रीय हित से जुड़े मुद्दों पर समझदारी की बातें करते हैं। उन्होंने विपक्ष के कुछ नेताओं को ओवैसी से सीखने की नसीहत भी दी। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। खास बात यह है कि भाजपा और ओवैसी के बीच कई मुद्दों पर वैचारिक मतभेद रहे हैं, लेकिन इस मामले में रिजिजू ने ओवैसी के एक बयान का समर्थन किया है।
दरअसल, यह पूरा मामला अमेरिकी कारोबारी एलन मस्क की भारत से जुड़ी कारोबारी और राजनीतिक टिप्पणियों के बाद शुरू हुआ। ओवैसी ने मस्क की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके कई राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि किसी विदेशी कारोबारी को भारत के फैसलों पर सवाल उठाने या देश को निर्देश देने का अधिकार मिल जाता है। ओवैसी ने राष्ट्रीय हित और देश की संप्रभुता का मुद्दा उठाते हुए कहा कि भारत के फैसले भारत में ही होने चाहिए। उनके इसी रुख को लेकर किरेन रिजिजू ने उनकी तारीफ की और कहा कि विपक्ष के नेताओं को भी राष्ट्रीय हित से जुड़े मुद्दों पर ऐसी ही समझदारी दिखानी चाहिए।
रिजिजू ने ओवैसी की नीतियों पर भी जताया विरोध
ओवैसी की तारीफ करते हुए रिजिजू ने यह भी स्पष्ट किया कि भाजपा उनकी नीतियों से सहमत नहीं है। उन्होंने अपनी पोस्ट में ओवैसी की नीतियों को मुस्लिम-केंद्रित बताते हुए कहा कि भाजपा उनका विरोध करती है। इसके बावजूद, राष्ट्रीय हित से जुड़े कुछ मुद्दों पर ओवैसी की बातों को उन्होंने समझदारी भरा बताया। रिजिजू ने विपक्ष के उन नेताओं को निशाने पर लिया, जो उनके अनुसार सरकार की बातों को सुनना नहीं चाहते। उन्होंने ऐसे नेताओं को ओवैसी से सीखने की सलाह दी। इस तरह रिजिजू ने एक ओर ओवैसी के बयान का समर्थन किया, वहीं दूसरी ओर विपक्ष पर राजनीतिक हमला भी बोला।
क्या है एलन मस्क और भारत के बीच विवाद?
एलन मस्क की भारत से जुड़ी टिप्पणियों का संबंध कारोबारी माहौल और उनकी कंपनी स्टारलिंक की सेवाओं से भी जोड़ा जा रहा है। भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवाओं के विस्तार और कारोबारी हितों को लेकर विभिन्न पक्षों के बीच चर्चा होती रही है। इस घटनाक्रम में मस्क ने भारतीय कारोबारी माहौल पर सवाल उठाए थे, जिसके बाद भारतीय नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आईं। ओवैसी ने विदेशी कारोबारी की टिप्पणियों पर आपत्ति जताते हुए देश के राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता देने की बात कही। किरेन रिजिजू ने इसी मुद्दे पर ओवैसी का समर्थन किया। हालांकि, रिजिजू ने अपनी पोस्ट में जिन लोगों को ‘एंटी-इंडिया गैंग’ कहा, उनके नाम स्पष्ट रूप से नहीं बताए।
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