Athelete Faces Ban:भारतीय पैरा एथलेटिक्स खिलाड़ी अनमोल वशिष्ठ पर इंटरनेशनल पैरालंपिक कमेटी (IPC) ने डोपिंग नियमों के उल्लंघन के मामले में तीन साल का प्रतिबंध लगा दिया है। प्रतिबंधित पदार्थ के इस्तेमाल से जुड़े इस मामले में खिलाड़ी के प्रतियोगिता परिणाम भी रद्द कर दिए गए हैं। इसके साथ ही उनसे संबंधित प्रतियोगिताओं में जीते गए मेडल, अंक और पुरस्कार वापस लेने का फैसला किया गया है। IPC ने 17 अक्टूबर 2026 को जारी जानकारी में बताया कि अनमोल वशिष्ठ के नमूने में प्रतिबंधित एनाबॉलिक स्टेरॉयड से संबंधित पदार्थ पाया गया था। इस कार्रवाई से भारतीय पैरा खेल जगत में डोपिंग को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है।
IPC के अनुसार, अनमोल वशिष्ठ का 11 मार्च 2026 को नई दिल्ली में आयोजित वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स ग्रां प्री के दौरान डोप टेस्ट किया गया था। यह नमूना पुरुषों की जैवलिन थ्रो F55 स्पर्धा में प्रतियोगिता के दौरान लिया गया था। जांच में उनके यूरिन सैंपल में डिहाइड्रोक्लोरोमिथाइलटेस्टोस्टेरोन (DHCMT) का मेटाबोलाइट पाया गया। यह एक प्रतिबंधित एनाबॉलिक एंड्रोजेनिक स्टेरॉयड है, जिसे वर्ल्ड एंटी-डोपिंग एजेंसी (WADA) की 2026 की प्रतिबंधित पदार्थों की सूची में शामिल किया गया है। इस नतीजे के बाद IPC ने 24 अप्रैल 2026 को उन्हें अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया था।
2029 तक प्रतियोगिताओं में हिस्सा नहीं ले सकेंगे
IPC की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, अनमोल वशिष्ठ ने डोपिंग नियमों के उल्लंघन को स्वीकार कर लिया और प्रस्तावित कार्रवाई पर सहमति जताई। इसके बाद उन पर तीन साल का प्रतिबंध लगाया गया। यह प्रतिबंध 24 अप्रैल 2026 से शुरू होकर 23 अप्रैल 2029 तक लागू रहेगा। इस अवधि में वह प्रतियोगिताओं और अन्य खेल गतिविधियों में हिस्सा नहीं ले सकेंगे। हालांकि, अधिकृत एंटी-डोपिंग शिक्षा या पुनर्वास कार्यक्रमों में भाग लेने की अनुमति रहेगी। यह कार्रवाई IPC के एंटी-डोपिंग कोड के तहत की गई है।
मेडल, अंक और पुरस्कार भी गंवाए
डोपिंग उल्लंघन के कारण अनमोल वशिष्ठ के नई दिल्ली वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स ग्रां प्री में जैवलिन थ्रो F55 स्पर्धा के परिणाम रद्द कर दिए गए हैं। IPC ने इस प्रतियोगिता में उनके अन्य परिणामों को भी अयोग्य घोषित किया है। इसके अलावा, सैंपल लिए जाने की तारीख से अस्थायी निलंबन शुरू होने तक हासिल किए गए अन्य परिणाम भी रद्द किए जाएंगे। इन फैसलों के तहत संबंधित मेडल, अंक और पुरस्कार वापस लिए जाएंगे। IPC ने स्पष्ट किया है कि खिलाड़ियों की जिम्मेदारी है कि उनके शरीर के नमूनों में कोई प्रतिबंधित पदार्थ नहीं पाया जाए। डोपिंग नियमों के उल्लंघन के मामले में पदार्थ के जानबूझकर या अनजाने में शरीर में पहुंचने से नियमों के तहत जिम्मेदारी समाप्त नहीं होती।
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