
Uttarkashi Tunnel Rescue: उत्तरकाशी में मजदूरों को बचाने के लिए बचाव कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। सुरंग में फंसे 41 मजदूरों को निकालने के लिए हर तरह की तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। ये सभी लोग, 41 मजदूर, 13 दिनों से सिल्कयारा सुरंग में फंसे हुए हैं। उम्मीद थी कि गुरुवार (23 नवंबर) को मजदूरों को बाहर निकाल लिया जाएगा, लेकिन मशीन खराब होने की वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन रोकना पड़ा। शुक्रवार को ऑपरेशन दोबारा शुरू कर दिया गया है।
अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि अगर कोई रुकावट नहीं आई तो शाम तक सभी मजदूरों को सुरंग से बाहर निकाल लिया जाएगा। पांच- ONGC, SJVNL, RVNL, NHIDCLऔर THDCLउत्तरकाशी सुरंग के बचाव कार्य में लगे हुए हैं। इतना ही नहीं विदेशी विशेषज्ञ अर्नाल्ड डिक्स को भी बुलाया गया है। मजदूरों को बाहर निकालने के लिए चलाए जा रहे बचाव अभियान का नेतृत्व अर्नोल्ड डिक्स कर रहे हैं।
अर्नोल्ड डिक्स एक ऑस्ट्रेलियाई नागरिक हैं और इंटरनेशनल टनलिंग एंड अंडरग्राउंड स्पेस एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं। अर्नोल्ड डिक्स ऐसे कई रेस्क्यू ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दे चुके हैं, इसलिए 41 मजदूरों को निकालने की जिम्मेदारी उनके कंधों पर है। आइए जानते हैं कि अर्नोल्ड डिक्स कौन हैं और बचाव कार्यों में कितनी समझदारी से काम करते हैं।
अर्नोल्ड डिक्स कौन है?
अर्नोल्ड डिक्स ने कई प्राकृतिक आपदाओं में विशेष भूमिका निभाई है। इस वजह से उन्हें रेस्क्यू ऑपरेशन को सफलतापूर्वक पूरा करने में माहिर माना जाता है। वह भूमिगत सुरंगों और परिवहन बुनियादी ढांचे के विशेषज्ञ हैं। निर्माण से लेकर परियोजना के तकनीकी पहलुओं तक, सुरक्षा का ध्यान रखते हुए, सब कुछ अर्नोल्ड डिक्स के नेतृत्व में पूरा किया गया है। भूमिगत काम करने में क्या दिक्कतें आ सकती हैं, खतरे क्या हैं, उनसे कैसे बचा जाए, ये सारी सलाह अर्नोल्ड डिक्स प्रोजेक्ट से जुड़े लोगों को देते हैं। वह पूरी दुनिया में भूमिगत सुरंग बनाने के विशेषज्ञ के रूप में जाने जाते हैं।
उत्तरकाशी टनल में अर्नोल्ड डिक्स कैसे काम कर रहे है?
उत्तरकाशी टनल में फंसे मजदूरों को निकालने के लिए मशीनें 13 दिन से लगातार काम कर रही हैं, टीमें मजदूरों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं। इस काम में लगे लोगों को कई समस्याओं का सामना भी करना पड़ रहा है। कई रुकावटों के चलते रेस्क्यू ऑपरेशन को बीच में ही रोकना पड़ा, लेकिन काम फिर से शुरू कर दिया गया है।
इस बीच, अर्नोल्ड डिक्स ने भी आश्वासन दिया है कि 41 श्रमिकों को निश्चित रूप से निकाला जाएगा। इससे पहले उन्होंने गुरुवार शाम तक मजदूरों को निकालने का आश्वासन दिया था। ऑपरेशन स्थल पर पहुंचने के बाद अर्नोल्ड डिक्स ने रेस्क्यू में जुटी टीमों से बात की और जगह का निरीक्षण करने के बाद आश्वासन दिया कि मजदूरों को जरूर बाहर निकाला जाएगा।
मीडिया से बात करते हुए अर्नोल्ड डिक्स ने कहा कि हमें उम्मीद थी कि गुरुवार को मजदूरों को निकाल लिया जाएगा, तब ऐसा लग रहा था कि यह काम आज सुबह और फिर दोपहर तक पूरा हो जाएगा, लेकिन लगता है कि पहाड़ों ने कुछ और ही सोच रखा है। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन के दौरान ऑगर मशीन खराब हो जाने के कारण ऑपरेशन रोकना पड़ा और उसकी मरम्मत कर दोबारा काम शुरू किया गया। हम शायद अगले चरण में पहुंच गये हैं, जहां हमें कुछ और विकल्पों पर काम करना होगा। दरअसल, बुधवार को कहा गया था कि कल यानी गुरुवार तक मजदूरों को बाहर निकाल लिया जाएगा। इसके लिए सुबह-सुबह रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ, लेकिन बीच में ही मशीन खराब हो गई और ऑपरेशन रोक दिया गया। अब अधिकारियों ने भरोसा जताया है कि शुक्रवार शाम तक 41 मजदूर टनल से बाहर आ जाएंगे।
हादसा दिवाली के दिन हुआ
12 नवंबर को जब पूरा देश दिवाली मना रहा था, तब सुबह 9.30 बजे उत्तराखंड के उत्तरकाशी के सिल्कयारा टनल में पहाड़ी ढहने से 41 मजदूर फंस गए। इसके बाद से देश-दुनिया की एजेंसियां और विशेषज्ञ मजदूरों को सुरंग से बाहर निकालने के लिए काम कर रहे हैं।
Leave a comment