Muharram जुलूस के दौरान लहराया फिलिस्तीन का झंडा, जानें ऐसा करने पर कितनी हो सकती है सजा?

Muharram जुलूस के दौरान लहराया फिलिस्तीन का झंडा, जानें ऐसा करने पर कितनी हो सकती है सजा?

Palestine Flag Waved During Muharram: उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में मुहर्रम का चांद दिखने पर निकाले गए जुलूस में कथित तौर पर फिलिस्तीन का झंडा लहराया गया। पुलिस ने इस मामले में देश में नए लागू हुए कानून BNSकी धारा 197(2) के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस ने इस मामले में एक शख्स को गिरफ्तार भी किया है। आइए जानते हैं कि अगर किसी के खिलाफ BNSकी धारा 197 के तहत मामला दर्ज होता है तो उसे क्या सजा हो सकती है। हम आपको धारा 197 के तहत दो उपधाराओं के बारे में भी जानकारी देंगे और कौन सी उपधारा कब लगेगी, इसके बारे में भी जानकारी देंगे।

पहली उपधारा में क्या हैं नियम?

बता दें कि, BNSकी धारा 197 के तहत दो तरह की उपधाराओं का भी जिक्र किया गया है। दोनों उपधाराओं के तहत अलग-अलग सजा का प्रावधान किया गया है। BNSकी धारा 197 (1) के तहत, यदि कोई मौखिक, लिखित शब्दों, संकेतों या वीडियो या ऐसे किसी भी माध्यम से, कानून द्वारा स्थापित भारत के संविधान या संप्रभुता के प्रति सच्ची आस्था और निष्ठा रखने में विफल रहता है और भारत की अखण्डता को यदि वह अक्षुण्ण नहीं रख सका तो दोषी माना जायेगा। ऐसे कृत्य करने पर तीन साल तक की जेल या जुर्माना या दोनों की सजा का प्रावधान है।

दूसरे उपधारा में क्या नियम हैं?

BNSकी धारा 197 की दूसरी उपधारा की बात करें तो इसके तहत दोषी पाए जाने पर अलग-अलग सजा का प्रावधान है। BNSकी धारा 197 (2) के तहत, यदि कोई व्यक्ति किसी पूजा स्थल पर या धार्मिक पूजा या धार्मिक अनुष्ठान करने में लगी किसी सभा में उप-धारा (1) में निर्दिष्ट कोई अपराध करता है, तो उसे दोषी माना जाएगा।ऐसा करने पर दोषी को पांच साल तक की जेल की सजा हो सकती है। इसके साथ ही उसे जुर्माना भी भरना होगा। इसी धारा 197(2) के तहत भदोही में जुलूस के दौरान फिलिस्तीन का झंडा फहराने पर दो लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इन लोगों को पांच साल की जेल और जुर्माने की सजा हो सकती है।

 

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