CAA को लेकर हेमंत बिस्वा का बड़ा बयान, बोले- 2015 के बाद आए लोगों को भेजेंगे उनके देश, अगर...

CAA को लेकर हेमंत बिस्वा का बड़ा बयान, बोले- 2015 के बाद आए लोगों को भेजेंगे उनके देश, अगर...

Himanta Biswa Sarma Press Conference on CAA: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने CAAको लेकर बड़ी जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि नियमों के अधिसूचित होने के चार महीने बाद राज्य में केवल आठ लोगों ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के तहत नागरिकता के लिए आवेदन किया है।

हिमंत बिस्वा ने बताया कि कैसे CAAविरोधी प्रदर्शनकारियों ने लोगों को डराने की कोशिश की थी, उन्होंने कहा कि संशोधित कानून के तहत 50 लाख तक अवैध अप्रवासियों को नागरिकता मिल सकती है।

सिर्फ 8लोगों के इंटरव्यू के लिए आने की दी जानकारी

हिमंत बिस्वा सरमा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ''सिर्फ आठ लोगों ने CAAके तहत नागरिकता के लिए आवेदन किया है। उनमें से केवल दो ही साक्षात्कार के लिए आये हैं।” उन्होंने आगे कहा कि बंगाली हिंदू समुदाय के सदस्य जो राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) में शामिल नहीं हैं, वे CAAके तहत नागरिकता के लिए आवेदन नहीं करेंगे, सरमा ने असम में नागरिकता के लिए कट-ऑफ वर्ष का जिक्र करते हुए कहा। वे कहते हैं कि वे 1971 से पहले भारत आये थे।”

नहीं थे NRC के अपडेट लिस्ट में 19लाख लोगों के नाम

असम ने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (NCR) का आयोजन किया, जिसकी सूची 2019 में सामने आई। नागरिकता साबित करने वाली NRCकी अद्यतन सूची में लगभग 19 लाख लोगों के नाम नहीं थे। सरमा ने कहा, ''मैं कई लोगों से मिला हूं, वे हमसे कह रहे हैं कि हम अपनी भारतीय नागरिकता को लेकर आश्वस्त हैं, हम इसे अदालत में साबित करना चाहते हैं। यह असम के लोगों की सामान्य भावना है।”

इन मामलों पर कुछ महीने के लिए लग सकती है रोक

यह पूछे जाने पर कि क्या असम में विदेशी न्यायाधिकरणों में मामले वापस ले लिए जाएंगे, मुख्यमंत्री ने कहा कि मामलों को कुछ महीनों के लिए रोकना पड़ सकता है। हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि विदेशी न्यायाधिकरण में कार्यवाही दो-तीन महीने के लिए रोक दी जानी चाहिए और लोगों को CAAके तहत नागरिकता के लिए आवेदन करने का मौका दिया जाना चाहिए।

इन लोगों से की नागरिकता के लिए आवेदन करने की अपील

हिमंत विश्व सरमा ने आगे कहा कि कोई भी व्यक्ति (CAAके अनुसार) जो 2015 से पहले भारत आया था, उसे नागरिकता के लिए आवेदन करना होगा। अगर वे आवेदन नहीं करेंगे तो हम उनके खिलाफ मामला दर्ज करायेंगे। इसलिए यह वैधानिक निर्देश है। हम 2015 के बाद आए लोगों को निर्वासित करेंगे।'

विरोध प्रदर्शन के दौरान मारे गए 5लोगों का भी किया जिक्र

असम में CAAके खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन पर सरमा ने कहा कि उनका मानना ​​है कि संशोधित नागरिकता कानून के तहत कम से कम दो-तीन लाख लोग नागरिकता के लिए आवेदन करेंगे, लेकिन साक्षात्कार के लिए केवल दो लोग आए हैं। सरमा ने कहा, ''CAAविरोधी प्रदर्शनों का नेतृत्व करने वाले लोगों ने आंकड़े दिए थे कि कानून के जरिए 30 लाख और 50 लाख अवैध प्रवासियों को नागरिकता मिलेगी, लेकिन अब आंकड़ों पर गौर करें।'' उन्होंने 2019 में CAAविरोधी प्रदर्शनों के दौरान मारे गए पांच लोगों की मौत का भी जिक्र किया।

 

Leave a comment