Iran Warn US: ईरान और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच समुद्र के नीचे बिछी इंटरनेट केबलों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ सकती है। अगर इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण अंडरसी इंटरनेट केबल को नुकसान पहुंचता है, तो कई देशों की इंटरनेट कनेक्टिविटी प्रभावित हो सकती है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या भारत में UPI पेमेंट, WhatsApp और ऑनलाइन बैंकिंग जैसी सेवाएं भी ठप हो सकती हैं?
समुद्र के नीचे बिछी केबल क्यों हैं जरूरी?
दुनिया के ज्यादातर अंतरराष्ट्रीय इंटरनेट डेटा का आदान-प्रदान समुद्र के नीचे बिछी फाइबर-ऑप्टिक केबलों के जरिए होता है। ये केबल अलग-अलग देशों को जोड़ती हैं और डिजिटल संचार को तेज बनाती हैं। भारत भी वैश्विक इंटरनेट नेटवर्क से जुड़ने के लिए इन केबलों पर निर्भर है। अगर किसी महत्वपूर्ण केबल को नुकसान पहुंचता है, तो इंटरनेट की स्पीड कम हो सकती है और कुछ ऑनलाइन सेवाओं में रुकावट आ सकती है।
क्या UPI और WhatsApp हो जाएंगे बंद?
अगर ईरान के आसपास किसी महत्वपूर्ण इंटरनेट केबल को नुकसान पहुंचता है, तो इसका असर प्रभावित नेटवर्क पर निर्भर करेगा। WhatsApp पर मैसेज भेजने, वीडियो कॉल करने और फोटो साझा करने में परेशानी हो सकती है। वहीं, UPI और ऑनलाइन बैंकिंग में भी कुछ तकनीकी दिक्कतें आ सकती हैं। हालांकि, केवल एक केबल कटने से भारत में सभी डिजिटल सेवाएं बंद हो जाएंगी, ऐसा कहना सही नहीं है। इंटरनेट नेटवर्क में वैकल्पिक रास्ते भी मौजूद होते हैं।
क्या पूरी दुनिया का इंटरनेट हो सकता है ठप?
समुद्र के नीचे बिछी कई महत्वपूर्ण केबलों को एक साथ नुकसान पहुंचने पर इंटरनेट सेवाओं पर बड़ा असर पड़ सकता है। इससे डेटा ट्रैफिक दूसरे रास्तों पर जाने के कारण नेटवर्क धीमा हो सकता है। हालांकि, पूरी दुनिया का इंटरनेट एक साथ बंद होना जरूरी नहीं है। भारत में UPI, WhatsApp और दूसरी सेवाओं पर वास्तविक असर इस बात पर निर्भर करेगा कि कौन-सी केबल प्रभावित हुई है और वैकल्पिक कनेक्टिविटी कितनी उपलब्ध है। इसलिए इंटरनेट केबल कटने की आशंका को सभी सेवाओं के बंद होने की पुष्टि नहीं माना जाना चाहिए।
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