Hathras Stampede: सुप्रीम कोर्ट ने हाथरस मामले में सुनवाई से किया इनकार, कहा-‘हाईकोर्ट जाएं’

Hathras Stampede: सुप्रीम कोर्ट ने हाथरस मामले में सुनवाई से किया इनकार, कहा-‘हाईकोर्ट जाएं’

 Hathras Stampede: यूपी के हाथरस में सत्संग के दौरान मची भगदड़ के केस में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करने के इनकार कर दिया है। याचिकाकर्ताओं ने अदालत में जनहित याचिका दायर की थी। याचिका पर शीर्ष अदालत ने याचिकाकर्ताओं से कहा कि वो हाई कोर्ट जाएं।

सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि बेशक ही ये घटना परेशान करने वाली घटनाएं हैं लेकिन इस मामले पर सुनवाई करने के लिए हाई कोर्ट सक्षम है। याचिकाकर्ताओं ने इस घटना की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में पांच सदस्यीय विशेषज्ञ समिति की नियुक्ति की मांग की थी।

SIT ने सौपी थी 300 पन्नों की रिपोर्ट

बता दें कि हादसे की जांच के लिए यूपी सरकार ने एसआईटी का गठन किया था। एआईटी ने 300पेज की अपनी जांच रिपोर्ट में हाथरस के डीएम और एसपी समेत 150लोगों के बयान दर्ज किए।वहीं एसआईटी की जांच रिपोर्ट में सिलसिलेवार तरीके से बताया गया है कि किस तरह से भगदड़ हुई, क्या इंतजाम रहे थे, किसका क्या रोल रहा और घटना के लिए जिम्मेदार कौन है। इन सब बातों का जिक्र इस रिपोर्ट में किया गया है। आगरा की एडीजी अनुपमा कुलश्रेष्ठ और अलीगढ़ की डिविजनल कमिश्नर चैत्रा वी ने ये रिपोर्ट तैयार की है। समझा जा रहा है कि इसी रिपोर्ट के आधार पर कोई कार्रवाई हो सकती है। वैसे सीएम योगी आदित्यनाथ इस घटना के लिए पहले ही सेवादाहों को जिम्मेदार ठहरा चुके हैं।

क्या था मामला

 बता दें, उत्तर प्रदेश के हाथरस में सत्संग के दौरान मची भगदड़ में 121 श्रद्धालुओं की मौत हो गईदरअसल, सत्संग में दो लाख से अधिक की भीड़ मौजूद थी। भोले बाबा लगभग दोपहर 12.30 बजे पंडाल में पहुंचे और उनका कार्यक्रम 1 घंटे तक चला। इसी बीच करीब 1.40 बजे भोले बाबा पंडाल से निकले, तभी श्रद्धालु उनके चरण की धूल के लिए आगे बढ़े। लोग डिवाइडर से कूद-कूद कर बाबा के वाहन की तरफ दौड़ने लगे। लेकिन बाबा के निजी गार्ड्स और सेवादारों ने खुद ही धक्का-मुक्की करनी शुरू कर दी। इसके बाद लोग नीचे गिर गए और एक दूसरे को रौंदने लगे।

Leave a comment