Haryana News: हरियाणा के रनिंग ताऊ का अलग है जलवा! रोज 25 किमी रेस के साथ लगाते हैं 800 सपाटे

Haryana News: हरियाणा के रनिंग ताऊ का अलग है जलवा! रोज 25 किमी रेस के साथ लगाते हैं 800 सपाटे

Haryana Running Man: हरियाणा में ‘रनिंग ताऊ’ खूब वायरल हो रहे हैं। जहां मैदान पर उन्हें अलग-अलग नाम दिए गए हैं और जहां कोई उन्हें रनिंग ताऊ तो कोई उन्हें सिक्स पैक वाला ताऊ कहता है और ताऊ भी हाजिर जवाबी हैं। वह अपनी एक्सरसाइज के दौरान प्रेक्टिस करने वाले अन्य युवाओं से अपने बारे में फीडबैक लेते हैं।

उनके वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने हैं। वह देसी अंदाज में कसरत करते हैं। 25 किलोमीटर रेस और 800 सपाटे रोज लगा रहे हैं। भरे हुए एलपीजी सिलेंडर और पुराने पत्थर की औखली को उठाकर आसानी से एक्सरसाइज करते हैं। यहां तक की पानी की दो बाल्टिया पानी से भरकर भारी भरकम मुसल में टांगकर भी एक्सरसाइज करते हुए नजर आते हैं। उनका गठा बदन देखकर स्टेडियम में महिला एथलीट की सीटियां भी सुनाई पड़ती हैं।

बचपन में बनना चाहते थे पहलवान

सोनीपत के संजय उर्फ काला पहलवान हैं। जिनकी उम्र करीब 51 साल है। सही उम्र उन्हें खुद भी नहीं पता। संजय उर्फ काला पहलवान बताते हैं कि बचपन में पहलवान बनना चाहता था।साल 1991में एक साल अपने गुरू रघुबीर सिंह रायपुरिया के अखाड़े में भी गया लेकिन, घर के हालात के कारण अखाड़ा छूट गया। फिर सालों बाद सोचा, जो बचपन या जवानी में नहीं कर सका, अब वो शौक पूरा क्यों न करूं। बस इसलिए पहले घर में ही कसरत करता था, अब युवाओं के साथ स्टेडियम में जाकर प्रैक्टिस करता हूं। अब दिल्ली में होने वाली मैराथन में 42किलोमीटर वर्ग में एंट्री भरी है। घर में जुगाड़ जिम के साथ डाइट भी एकदम देसी है। देसी घी न मिले तो सरसों का तेल ही पी लेते हैं। मुनक्का और मौसमी का जूस रोज रोज पीते हैं।

बचपन में एक साल पहलवानी की

बताते हैं कि बचपन में पहलवानी का शौक था। घरवालों से जिद करके अखाड़े में जाना शुरू किया। हमारे गुरू होते थे-रघुबीर सिंह रायपुरिया। घर के हालात ऐसे नहीं थे कि पहलवानों वाली डाइट मिले। लेकिन जुनून ऐसा था कि जो रूखी-सूखी मिलती थी, उसी में खुश रहे। फिर भी हालात की वजह से अखाड़ा छोड़ना पड़ गया।

अखाड़ा छूटा लेकिन अभ्यास जारी रखा

घर के हालात के कारण अखाड़ा जाना तो छूट गया लेकिन वह अभ्यास करते रहे। पहलवान तो अकसर दूध-देसी घी पीते-खाते हैं। हमारे हालात ऐसे थे कि देसी घी नहीं मिलता था। मैं तो सरसों का तेल ही पी लेता था, उसी से मेरी खुराक पूरी हो  जाती थी।

बेटे को छोड़ने स्टेडियम गए और खुद भी प्रैक्टिस करने लगे

बताते हैं कि अब बेटा बड़ा हो गया। तो सोचा मैं पहलवान नहीं बन सकता, बेटे का तो सपना पूरा कर दूं। यही सोचकर उसे लेकर अखाड़े व स्टेडियम में जाने लगा। मैं खुद भी उसके साथ प्रैक्टिस करने लगा। इसी बीच कुछ एथलीटों ने मेरी वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दी।

वीडियो वायरल होने पर हुए मशहूर

मेरी वीडियो वायरल हुई तो अचानक मुझे मशहूरी मिलने लगी। फिर मैंने खुद वीडियो बनाकर डाली शुरू की। बस फिर क्या था किसी ने मुझे देसी पहलवान, किसी ने रनिंग ताऊ तो किसी ने हरियाणवी सलमान खान कहना शुरू कर दिया। कई लोग कमेंट में लिखते हैं कि ये फेक है, कोई इस उम्र में इतनी कसरत कैसे कर सकता है। उनमें मैं हाथ जोड़कर कहता हूं-आप आ जाएं स्टेडियम में और गिन लें मैं ग्राउंड के कितने चक्कर लगाता हूं और कितने सपाटे मारता हूं।

रोज तड़के 3 बजे उठते हैं

ताऊ बताते हैं कि वो रोज करीब 3बजे उठ जाते हैं। उठते ही सबसे पहले रात में भिगोई गई 20-25 मुनक्कों का रस पीते हैं। उसके बाद कुछ सैर करके फ्रेश हो जाते हैं। फिर अपनी सफेद पगड़ी, सफेद धोती और सफेद जूते  पहनकर गाड़ी से स्टेडियम पहुंच जाते हैं।

20 से 25 किलोमीटर दौड़ और फिर सपाटे

स्टेडियम में जाकर 20 से 25 किलोमीटर की दौड़ लगाते हैं। ये एक तरह से उनके लिए वार्मअप करने जैसा ही है। इस दौरान वे युवाओं के साथ फर्राटा दौड़ भी लगाते हैं। उनकी ऐसी कई वीडियो वायरल हैं, जिसमें महिला एथलीट तालियां व सीटियां बजाकर उनका हौंसला बढ़ा रही हैं। वो चिल्लाकर कह रही हैं-ओ गया ताऊ।

स्टेडियम में ट्रैक पर निकालते हैं मौसमी का जूस

रेस लगाने के तुरंत बाद ताऊ ट्रैक पर ही हाथ से चलने वाले जूसर में मौसमी का जूस निकालकर पीते हैं। वह कहते हैं-ये जूस उनके लिए सबसे जरूरी खुराक है। इससे वो ताजादम महसूस करते हैं। वह युवाओं को भी सही सलाह देते हैं कि दूध से भी ज्यादा जरूरी जूस है।

रोज 700-800 सपाटे लगाते हैं

ताऊ स्टेडियम के ट्रैक पर ही ईंटें रखकर रोज 700-800 सपाटे मारते हैं। अकसर युवा एथलीट उन्हें देखकर हैरान हो जाते हैं और कई बार उनके सपाटे गिनते भी हैं। युवा एथलीट उन्हें अपना कुर्ता उतारकर मसल्स दिखाने का आग्रह भी करते हैं।

घर में गैस सिलेंडर और औखली से कसरत

ताऊ की घर पर देसी तरीके से एक्सरसाइज करते की कई वीडियो भी चर्चा में हैं। जिसमें वो एलपीजी गैस का भरा हुआ सिलेंडर उठाकर या पत्थर से बनी औखली को उठाकर कंधों की कसरत कर रहे हैं। उसके बाद पानी से भरी दो बाल्टियों में डंडा फंसाकर वजन उठाते हैं।

रगड़ा बादाम का जूस पीते हैं

घर में एक्सरसाइज के बाद रोज घर पर भिगोये गए 65-70बादाम को कुंडी में रगड़ा लगाते हैं। फिर उसके जूस पीते हैं। ताऊ  बताते हैं कि दूध मिल गया तो पी लेते हैं, वैसे जरूरी नहीं। इसके अलावा खाने में रोटी-दाल-सब्जी या चटनी जो मिल जाए वो खा लेते हैं। और कोई विशेष डाइट नहीं लेते। कहते हैं आजकल के युवा जो प्रोटीन शेक जैसे सप्लीमेंट लेते हैं, उनकी कोई जरूरत नहीं।

कभी बीमार नहीं बड़े, ब्लड ग्रुप तक नहीं पता

क्या कभी बीमार पड़े हैं? ये सवाल सुनकर ताऊ मुस्कुराने लगते हैं। कहते हैं-भगवान की दया से कभी ऐसी नौबत नहीं आई। उन्होंने तो अपना ब्लड ग्रुप तक नहीं पता, कभी जरूरत ही नहीं पड़ी।

Leave a comment