Kolkata Stampede:पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में दुर्गा पूजा के उत्सव के बीच एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। उत्तर कोलकाता के चोरबागान सार्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 की शाम भगदड़ मचने से कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। हादसा महासप्तमी के दौरान हुआ, जब पंडाल में दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, भारी भीड़ और बारिश के बीच अफरा-तफरी की स्थिति बनी। इसी दौरान पंडाल के एक हिस्से के ढहने की खबर भी सामने आई। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और लोगों के बीच दहशत फैल गई। दुर्गा पूजा की खुशियां अचानक मातम में बदल गईं। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, शनिवार शाम करीब 7:30 से 8 बजे के बीच पंडाल में हालात बिगड़ने लगे। भारी बारिश के कारण श्रद्धालुओं की भीड़ एक जगह जमा हो गई, जिससे लोगों पर दबाव बढ़ गया। इस दौरान कुछ लोगों के गिरने और भगदड़ जैसी स्थिति बनने की जानकारी सामने आई है। हादसे में घायल लोगों को कोलकाता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल सहित संबंधित चिकित्सा केंद्रों में भर्ती कराया गया। प्रशासन ने घटनास्थल पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करते हुए पंडाल में लोगों की आवाजाही रोक दी। हालांकि, हादसे की असली वजह और पंडाल के हिस्से के ढहने की परिस्थितियों का पता विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा।
CM शुभेंदु अधिकारी ने दिए जांच के आदेश
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने घटना पर दुख जताते हुए मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। सरकार ने हादसे के कारणों, भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा इंतजामों की पड़ताल करने की प्रक्रिया शुरू की है। पुलिस को पूजा समिति से जुड़े लोगों और सुरक्षा व्यवस्था संभालने वालों से पूछताछ करने के निर्देश दिए गए हैं। शुरुआती जांच में आयोजकों की ओर से की गई घोषणा और भीड़ की प्रतिक्रिया जैसे पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। प्रशासन का जोर घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने और घटना के लिए जिम्मेदारी तय करने पर है। जांच में यह भी देखा जाएगा कि पंडाल में प्रवेश और निकास की व्यवस्था पर्याप्त थी या नहीं तथा भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जरूरी इंतजाम किए गए थे या नहीं।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस हादसे ने बड़े धार्मिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन, आपातकालीन निकास और सुरक्षा इंतजामों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दुर्गा पूजा के दौरान कोलकाता के विभिन्न पंडालों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, ऐसे में प्रशासन और आयोजकों के बीच बेहतर समन्वय बेहद जरूरी है। घटना के बाद संबंधित पंडाल को बंद कर दिया गया और पुलिस ने जांच शुरू कर दी। मृतकों की संख्या 19 बताई गई है, जबकि घायलों की संख्या अलग-अलग शुरुआती रिपोर्टों में 25 से 35 के बीच बताई गई है। अंतिम आंकड़े आधिकारिक पुष्टि के बाद ही स्पष्ट होंगे। फिलहाल, हादसे के कारणों का पता लगाने और जिम्मेदार लोगों की भूमिका तय करने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।
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