
नई दिल्ली: दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में वक्फ (संशोधन) कानून के खिलाफ ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) के नेतृत्व में एक बड़ा विरोध प्रदर्शन करने जा रहा है। इस 'सेव वक्फ कॉन्फ्रेंस' में देश भर से मुस्लिम संगठनों के प्रतिनिधि, राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के लोग शामिल होंगे। AIMPLB ने इसे 'तहफ्फुज-ए-औकाफ कॉन्फ्रेंस' का नाम दिया है, जिसमें मौलाना अरशद मदनी, मौलाना महमूद मदनी और बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना खालिद सैफुल्लाह रहमानी जैसे प्रमुख नेता हिस्सा लेंगे।
विरोध प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य वक्फ संशोधन कानून को असंवैधानिक और मुस्लिम समुदाय की धार्मिक स्वायत्तता के खिलाफ बताते हुए इसे निरस्त करने की मांग करना है। AIMPLB का दावा है कि यह कानून संविधान के अनुच्छेद 14, 25और 26का उल्लंघन करता है, क्योंकि यह वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम सदस्यों को शामिल करने, संपत्तियों के डिजिटलीकरण और कलेक्टर द्वारा स्वामित्व निर्धारण जैसे प्रावधानों के जरिए सरकारी हस्तक्षेप बढ़ाता है।
जमात-ए-इस्लामी हिंद ने कानून को किया निरस्त
जमात-ए-इस्लामी हिंद ने भी इस कानून को तत्काल निरस्त करने का आह्वान किया है और लोगों से AIMPLB के अभियान का समर्थन करने की अपील की है। इसके अलावा, देश भर में 11अप्रैल से शुरू हुए 'वक्फ बचाव अभियान' के तहत 30अप्रैल को रात 9बजे प्रतीकात्मक ब्लैकआउट और 7मई को दिल्ली के रामलीला मैदान में एक और बड़ा कार्यक्रम प्रस्तावित है।
कुछ संगठनों ने किया समर्थन
हालांकि, कुछ संगठन जैसे ऑल इंडिया मुस्लिम वुमेन पर्सनल लॉ बोर्ड ने इस कानून का समर्थन किया है, इसे मुस्लिम महिलाओं के सशक्तिकरण और वक्फ संपत्तियों की पारदर्शिता के लिए जरूरी बताया है।विरोध प्रदर्शन के चलते दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है, और संवेदनशील इलाकों में ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी की जा रही है।
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