
Delhi-Kolkata Terror Network: दिल्ली और कोलकाता में लगाए गए भारत विरोधी पोस्टरों के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक ये पोस्टर कोलकाता में छापे गए थे, जबकि उनका पीडीएफ बांग्लादेश से हैंडलर शब्बीर ने भेजा था। जांच एजेंसियों का कहना है कि यह पूरा मॉड्यूल पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और बांग्लादेशी आतंकी संगठनों के इशारे पर काम कर रहा था।
जांच में आया सामने
जांच में सामने आया है कि लश्कर से जुड़े इस मॉड्यूल ने शब्बीर के निर्देश पर कोलकाता में अपना ठिकाना बनाया था। आरोपियों ने शहर के बाहरी इलाके में करीब 8 हजार रुपये महीने किराये पर एक मकान लिया था। सूत्रों के अनुसार शब्बीर ने हथियार खरीदने के लिए मॉड्यूल को 80 हजार रुपये से ज्यादा रकम ट्रांसफर की थी और आगे भी पैसे भेजने की तैयारी थी। आरोपी सिग्नल ऐप के जरिए लगातार शब्बीर के संपर्क में थे। मालदा का उमर फारूक मुख्य संपर्क सूत्र की भूमिका निभा रहा था।
क्या थी हैंडलर की योजना?
पुलिस ने बताया कि हैंडलर की योजना तमिलनाडु में गिरफ्तार किए गए 6 बांग्लादेशी नागरिकों को कोलकाता लाने की थी। इसके बाद आतंकी हमले को अंजाम देकर सभी सात ऑपरेटिव्स को वापस बांग्लादेश भेजने की साजिश थी। रविवार को तमिलनाडु में बड़ी आतंकी साजिश रचने के आरोप में एक बांग्लादेशी नागरिक समेत आठ संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। इससे पहले मिजानुर रहमान, मोहम्मद शाबात, उमर, मोहम्मद लितान, मोहम्मद शाहिद और मोहम्मद उज्जवल को तमिलनाडु से गिरफ्तार कर दिल्ली लाया गया था।
आरोपियों के पास से बरामद हुई ये चीजें
आरोपियों के पास से दर्जनों मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किए गए। दिल्ली पुलिस के अनुसार आरोपी सोशल मीडिया पर पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठनों के पक्ष में सामग्री पोस्ट कर रहे थे। कुछ आरोपी फर्जी आधार कार्ड के जरिए अपनी पहचान छिपाकर गारमेंट इंडस्ट्री में काम कर रहे थे। ऑपरेशन के दौरान 8 मोबाइल फोन और 16 सिम कार्ड जब्त किए गए। बताया जा रहा है कि संदिग्धों ने कई शहरों की रेकी भी की थी और दिल्ली में “फ्री कश्मीर” के पोस्टर लगाए थे। पश्चिम बंगाल से भी दो और गिरफ्तारियां हुई हैं। फिलहाल सभी आरोपियों को दिल्ली लाकर आगे की जांच की जा रही है।
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