DALIT ENTRY IN TEMPLE: 30 साल पहले बने मंदिर में अब जाकर गांव के लोगों ने की पूजा-अर्चना, जानिए क्या है पूरा मामला

DALIT ENTRY IN TEMPLE: 30 साल पहले बने मंदिर में अब जाकर गांव के लोगों ने की पूजा-अर्चना, जानिए क्या है पूरा मामला

नई दिल्ली: दलितों को तमिलनाडू के तिरूवन्नामलाई जिले के चेल्लनकुप्पम गांव के मरियम्मन मंदिर में सौ साल बाद अब जाकर प्रवेश करने की आजादी मिली है। दलितों को मंदिर परिसर में प्रवेश करने वक्त कड़ी पुलिस निगरानी में रखा गया। सबकुछ शांति के साथ हुआ, किसी तरह का कोई तनाव, झगडे नहीं हुए। दूसरे समुदाय के लोगों ने किसी तरह का कोई विरोध नहीं किया।

खबरों के मुताबिक, मंदिर जाने को लेकर सबसे पहले गांव के दो अलग समुदाय के युवाओं ने आंदोलन किया था। उन्होंने इसका शुरूआत सबसे पहले सोशल मीडिया के ज़रिए दलितों का मंदिर जाने को लेकर बहस किया था, बात बढ़ने के बाद दोने ने गांव आकर आंदोलन किया। हालांकि, दोंनो युवक एक ही गांव के रहने वाले हैं, दोनों ने एक साथ एक ही स्कूल में पढ़ाई की थी। फिर बाद में दोनों जॉब करने के लिए चेन्नई चले गए।

भारी सुरक्षा बल तैनात

जब वे गांव आकर इस बारे में लोंगो से बातचीत की तो माहौल गरम हो गया, लड़ाई होने लगी। गांव के लोगों से झडप के बाद उन्होंने जिला राजस्व और पुलिस अधिकारियों से मंदिर प्रवेश के लिए याचिका मांगी। उन्होंने याचिका दायर कर मंदिर में उनका प्रवेश सुनिश्चित करने का आग्रह भी किया। फिर उन्होंने घोषना करते हुए बताया कि बुधवार को वे मंदिर में प्रवेश करेंगे। वेल्लौर रेंज के डीआईजी एमएस मुथुसामी के निगरानी में भारी बल में गांव में पुलिस तैनात कराया गया, ताकि किसी तरह का कोई विवाद न हो।

‘जिला अधिकारियों ने हमें मंदिर में प्रवेश करने दिया’

खबरों के मुताबिक, एक 50 साल की बूढ़ी महिला ने कहा कि,’एक दृढ़ के बाद विश्वास है’ कि अपना मनोकामना पूरा करने के लिए नवविवाहित लोग मंदिर में जाकर प्रार्थना करते हैं और पोंगल बनाते हैं। लेकिन हमें कभी भी मंदिर में जाने की अनुमति ही नहीं मिली। लेकिन अब जाकर हमें मंदिर जाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। हम आज खुश हैं कि जिला अधिकारियों ने हमें मंदिर में प्रवेश करने दिया।

‘लोगों में तनाव बढ़ गया था’

आपको बता दें कि दलितों ने अब तक 30 साल पहले गांव में बने कलियाम्मल मंदिर में सिर्फ पूजा-दर्शन करते थे, लेकिन आज वे इस साल जनवरी में पुलिस अधिकारियों के निगरानी में पहली बार गांव के अन्य जिले थंडरमपट्टू गांव के एक अन्य मेंदिर में प्रवेश किया। जून में पड़ोस के जिले विल्लुपुरम के मेथवाली गांव में श्री द्रौपदी अम्मन मंदिर को सील कर दिया गया था, क्योंकि वन्नियारों द्वारा दलितों को मंदिर में प्रवेश करने से मना कर दिया गया था, जिसके कारण लोगों में तनाव बढ़ गया था।    

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