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यूपी बाल शोषण मामले में दंपति को फांसी की सजा, POCSO कोर्ट का बड़ा फैसला

यूपी बाल शोषण मामले में दंपति को फांसी की सजा, POCSO कोर्ट का बड़ा फैसला

UP Child Sexual Abuse Case: उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में 6 साल पहले नाबालिग बच्चों के अश्लील वीडियो बनाकर डार्क वेब पर बेचने के मामले में विशेष अदालत ने शुक्रवार, 20 फरवरी को एक दंपति को फांसी की सजा सुनाई। यह फैसला बांदा की POCSO कोर्ट ने लंबी सुनवाई के बाद सुनाया। इस मामले को क्षेत्र के सबसे गंभीर बाल शोषण मामलों में से एक माना जा रहा है।

धारा 377 भी इस मामले में शामिल

दोषी ठहराए गए लोगों में सिंचाई विभाग के जूनियर इंजीनियर राम भवन और उनकी पत्नी दुर्गावती शामिल हैं। अदालत ने उन्हें भारतीय दंड संहिता (IPC), POCSO एक्ट और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की कई धाराओं के तहत दोषी पाया। चूंकि अपराध उस समय हुआ था जब आईपीसी की धारा 377 लागू थी, इसलिए इस धारा को भी मामले में शामिल किया गया।

राज्य और केंद्र सरकार को कोर्ट का निर्देश

अदालत ने दोनों को मृत्युदंड देने के साथ ही राज्य और केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि पहचाने गए पीड़ितों के परिवारों को 10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए। इस मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने की थी। CBI ने अक्टूबर 2020 में दंपति को गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया कि आरोपी अपने आसपास और जान-पहचान के दायरे के 5 से 16 साल तक के बच्चों को बहला-फुसलाकर उनका यौन शोषण करते थे और मोबाइल फोन व अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से वीडियो बनाते थे।

छापेमारी में बरामद हुई ये चीजें

छापेमारी के दौरान उनके घर से 8 लाख रुपये नकद, 12 मोबाइल फोन, दो लैपटॉप, एक हार्ड डिस्क और 6 पेन ड्राइव बरामद किए गए। फॉरेंसिक जांच में इन उपकरणों में बड़ी मात्रा में बाल यौन शोषण से जुड़ा सामग्री मिलने की पुष्टि हुई। जांच एजेंसी के अनुसार, ये वीडियो और तस्वीरें एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म और डार्कनेट के जरिए विदेशी खरीदारों सहित कई लोगों को बेची जाती थीं। शुरुआती जांच में 33 बच्चों की पहचान हुई थी। चार्जशीट में 4 से 22 वर्ष तक के कई लोगों के बयान शामिल किए गए हैं। दुर्गावती पर जांच के दौरान गवाहों को प्रभावित करने का भी आरोप है। इस मामले में दिल्ली के एक व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया गया है और आगे की जांच जारी है। अदालत के इस फैसले को संगठित ऑनलाइन बाल शोषण के खिलाफ सख्त संदेश माना जा रहा है। 

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