Budget 2024: पाक-चीन के खतरे से कैसे निपटेगा भारत, जानें बजट 3.0 में देश सुरक्षा को लेकर क्या है खास?

Budget 2024: पाक-चीन के खतरे से कैसे निपटेगा भारत, जानें बजट 3.0 में देश सुरक्षा को लेकर क्या है खास?

Defence Sector Allocation in Budget: एक तरफ हाल के वर्षों में चीन के साथ तनाव चल रहा है तो वहीं दूसरी तरफ वह पाकिस्तान को रक्षा क्षेत्र में भी पूरी मदद कर रहा है। यह भारत के खिलाफ सीमावर्ती क्षेत्रों में पाकिस्तान को रक्षा उपकरण प्रदान करके उसकी सैन्य क्षमता को उन्नत कर रहा है। ऐसे में भारत को इन दोनों पड़ोसी देशों से सबसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है, लेकिन अगर आज पेश किए गए बजट पर नजर डालें तो पता चलेगा कि इस रक्षा क्षेत्र में कोई खास बजटीय बढ़ोतरी नहीं की गई है।

सरकार ने मंगलवार को 2024-25 के लिए रक्षा बजट के लिए 6,21,940 करोड़ रुपये ($74 बिलियन) आवंटित किए, जो पिछले साल 5.94 लाख करोड़ रुपये था। पूंजीगत व्यय 1,72,000 करोड़ रुपये तय किया गया है। यह भारत सरकार के कुल बजट का 12.9 फीसदी है। लेकिन अगर पिछले बजट से तुलना करके देखा जाए तो इसमें सिर्फ 4.8 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है।

GDP का कुल कितना प्रतिशत

अगर 2024-25 के अनुमानित सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के संदर्भ में देखा जाए तो रक्षा क्षेत्र के लिए बजटीय आवंटन 1.9% है। इसमें पूर्व सैनिकों का पेंशन हिस्सा भी शामिल है। यदि सैनिकों के पेंशन हिस्से को छोड़ दिया जाए तो रक्षा क्षेत्र के लिए बजटीय आवंटन 1.5 प्रतिशत से भी कम होगा। जबकि रक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान और चीन से खतरे को देखते हुए यह हिस्सेदारी कम से कम 2.5 फीसदी होनी चाहिए।

हालांकि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि घरेलू पूंजी खरीद के लिए 1,05,518करोड़ रुपये का आवंटन रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को और गति प्रदान करेगा। सिंह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘जहां तक रक्षा मंत्रालय के लिए आवंटन की बात है, मैं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को 6,21,940.85करोड़ रुपये के सर्वाधिक आवंटन के लिए धन्यवाद देता हूं जो 2024-25के लिए सरकार के कुल बजट का 12.9प्रतिशत है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘1,72,000करोड़ रुपये का पूंजीगत परिव्यय सशस्त्र बलों की क्षमताओं को और मजबूत करेगा। घरेलू पूंजीगत खरीद के लिए 1,05,518.43करोड़ रुपये का प्रावधान आत्मनिर्भरता को और बढ़ावा देगा।’’ सिंह ने कहा, ‘‘मुझे खुशी है कि सीमा सड़क संगठन के लिए पूंजीगत मद में पिछले बजट की तुलना में 30प्रतिशत अधिक आवंटन किया गया है। बीआरओ को 6,500करोड़ रुपये का यह आवंटन हमारे सीमावर्ती बुनियादी ढांचे को और गति देगा।’’

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