Jantar Mantar Protest: दिल्ली में शनिवार, 10 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शन में आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल अपने परिवार के साथ शामिल होने वाले थे। उन्होंने एक दिन पहले, 9 अक्टूबर को इसकी घोषणा की थी। साथ ही उन्होंने लोगों से भी बड़ी संख्या में प्रदर्शन में पहुंचने की अपील की थी। यह प्रदर्शन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर उठ रहे सवालों के बीच आयोजित किया गया।
प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने लगी पुलिस
शनिवार सुबह से ही दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर की ओर जा रहे प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेना शुरू कर दिया। इस दौरान CJP के कई प्रमुख नेताओं को भी हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई। इनमें अभिजीत दीपके, सौरभ दास, आशुतोष रांका और रत्ना सिंह के नाम शामिल हैं। वहीं, प्रदर्शन में शामिल होने वाले चर्चित चेहरों में से एक यूट्यूबर ध्रुव राठी को भी हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई। हालांकि, इन सभी मामलों में पुलिस की आधिकारिक पुष्टि की जानकारी उपलब्ध होना जरूरी है।
ध्रुव राठी ने सरकार पर लगाए आरोप
प्रदर्शन से जुड़े एक एक्स पोस्ट में ध्रुव राठी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। पोस्ट में उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री जानते हैं कि उन्होंने चुनाव में वोट चोरी के जरिए जीत हासिल की और अब लोकतंत्र को कमजोर करके इस कथित गड़बड़ी को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आगे लिखा कि ज्ञानेश कुमार को पद छोड़ना होगा और प्रधानमंत्री मोदी को भी जाना होगा। ये आरोप राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं। इन्हें प्रमाणित तथ्य के रूप में नहीं, बल्कि संबंधित व्यक्ति के दावे के तौर पर देखा जाना चाहिए।
दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई। कई मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास पर प्रतिबंध लगाए जाने, रेलवे परिचालन में बदलाव और प्रमुख सड़कों पर बैरिकेडिंग किए जाने की जानकारी सामने आई। विपक्षी दलों ने इन कदमों पर सवाल उठाए, जबकि प्रशासन ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने को इसका कारण बताया। फिलहाल, मुख्यमंत्री या पुलिस प्रशासन की ओर से सामने आने वाली आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही हिरासत और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े सभी दावों की पुष्टि की जा सकती है।
Also read: RBI का रुपये को संभालने के लिए बड़ा कदम, 3 सरकारी तेल कंपनियों को मिलेगी स्पेशल डॉलर विंडो