Uttar Pradesh News:उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले से रिश्तों को लेकर एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसकी चर्चा हो रही है। यहां एक पति ने अपनी पत्नी के दूसरे युवक से प्यार करने की बात सामने आने के बाद विवाद करने के बजाय उसे उसके प्रेमी के साथ जाने की इजाजत दे दी। बताया जा रहा है कि पति-पत्नी की शादी को करीब 17 साल हो चुके थे और उनके दो बच्चे भी हैं। इसके बावजूद पत्नी ने अपने पति के साथ रहने के बजाय प्रेमी के साथ नई जिंदगी शुरू करने का फैसला किया। इस पूरे मामले में पति के फैसले ने लोगों का ध्यान खींचा है।
मिली जानकारी के अनुसार, सीतापुर जिले की मिश्रिख तहसील के रहने वाले विपिन भार्गव की शादी 12 मार्च 2009 को रेखा नाम की महिला से हुई थी। शादी के बाद दोनों की जिंदगी आगे बढ़ी और उनके परिवार में दो बच्चे भी हुए। बताया जाता है कि कुछ समय पहले रेखा की मुलाकात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर अंबेडकर नगर निवासी राहुल नाम के युवक से हुई। शुरुआत में दोनों के बीच सामान्य बातचीत होती थी, लेकिन धीरे-धीरे उनकी नजदीकियां बढ़ने लगीं। दावा है कि यह दोस्ती बाद में प्रेम संबंध में बदल गई। इसके बाद रेखा ने अपने पति और परिवार से अलग होकर राहुल के साथ रहने का मन बना लिया।
22 दिन तक लापता रही पत्नी
बताया जा रहा है कि एक दिन रेखा अचानक घर से चली गई। पत्नी के गायब होने के बाद विपिन ने उसकी तलाश की और रिश्तेदारों से भी संपर्क किया। काफी कोशिशों के बाद जब उसका पता नहीं चला तो उसने पुलिस में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। करीब 22 दिन बाद रेखा वापस लौटी तो उसने कथित तौर पर विपिन के साथ रहने से इनकार कर दिया और राहुल के साथ जिंदगी बिताने की इच्छा जताई। ऐसे हालात में अक्सर पति-पत्नी के बीच विवाद की स्थिति बन जाती है, लेकिन इस मामले में विपिन ने अलग रास्ता अपनाने का फैसला किया।
तहसील परिसर में पूरी हुई कार्रवाई
रिपोर्ट के मुताबिक, विपिन अपनी पत्नी को लेकर मिश्रिख तहसील परिसर पहुंचा, जहां जरूरी कागजी कार्रवाई पूरी की गई। इसके बाद पास के एक हनुमान मंदिर में राहुल और रेखा की शादी कराए जाने की बात सामने आई है। बताया जाता है कि इस दौरान विपिन भी मौजूद था। उसका कहना है कि उसने पत्नी की खुशी को देखते हुए उसे जाने दिया और अब वह अपने दोनों बच्चों की परवरिश पर ध्यान देना चाहता है। हालांकि, शादी और कानूनी प्रक्रिया से जुड़ी सभी परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। मामले में बच्चों के भविष्य और परिवार की आगे की स्थिति भी अहम बनी हुई है।
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