
Women Safety in Odisha: ओडिशा के कंधमाल जिले में महिलाओं के यौन शोषण की बढ़ती घटनाओं ने एक बार फिर प्रशासन को सवालों के घेरे में ला दिया है। पुलिस के अनुसार, तुमुदिबांध ब्लॉक के दो सरकारी बालिका छात्रावासों में पढ़ने वाली दसवीं कक्षा की दो नाबालिग छात्राएं नियमित स्वास्थ्य जांच के दौरान गर्भवती पाई गईं। ये छात्राएं गर्मी की छुट्टियों के बाद जुलाई के पहले सप्ताह में हॉस्टल लौटी थीं। हॉस्टल प्रशासन को तब संदेह हुआ जब दोनों छात्राएं सैनिटरी नैपकिन लेने नहीं आईं। इसके बाद उन्हें अस्पताल भेजा गया, जहां गर्भावस्था की पुष्टि हुई। पुलिस ने कोटगढ़ (केस नंबर 103/2025) और बेलघर (केस नंबर 64/2025) पुलिस स्टेशनों में दो अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं। बालीगुडा के एसडीपीओ रामेंद्र प्रसाद ने बताया कि जांच शुरू हो चुकी है और गर्भावस्था के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
बालासोर में युवती पर हमला, चार गिरफ्तार
दूसरी ओर, बालासोर जिले में एक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। बरहामपुर पुलिस ने चार युवकों को 20वर्षीय युवती के साथ बलात्कार का प्रयास करने और असफल होने पर उसकी हत्या की कोशिश करने के आरोप में गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, यह घटना एक गांव के तालाब के पास हुई, जहां आरोपियों ने युवती के सिर पर पत्थर से हमला किया। युवती भागने में सफल रही और उसने अपने परिवार को सूचित किया, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। यह घटना राज्य में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।
महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल
ये घटनाएं ओडिशा में महिलाओं और नाबालिग लड़कियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाती हैं। कंधमाल में स्कूल प्रशासन की लापरवाही और बालासोर में हिंसक हमले ने सामाजिक और प्रशासनिक स्तर पर तत्काल कार्रवाई की मांग को तेज कर दिया है। पुलिस ने दोनों मामलों में जांच तेज कर दी है, लेकिन समाज और सरकार को मिलकर ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।
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