Delhi Police: दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को वर्दी, राय और मतभेदों से परे मानवता के महत्व पर जोर देते हुए एक संदेश साझा किया, जिसमें कहा गया 'क्योंकि हर वर्दी, हर राय और हर मतभेद से परे, हम सब सबसे पहले इंसान हैं।' X पर एक पोस्ट में दिल्ली पुलिस ने कहा 'हर नागरिक के नाम एक खुला पत्र। क्योंकि हर वर्दी, हर राय और हर मतभेद से परे, हम सब सबसे पहले इंसान हैं।' इस संदेश में मतभेदों से परे मानवता की भावना को उजागर किया गया है और असहमति के बावजूद साझा मानवीय मूल्यों को पहचानने के महत्व पर बल दिया गया है। यह संदेश राष्ट्रीय राजधानी में 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले सुरक्षा व्यवस्था कड़ी किए जाने के बीच आया है। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार से जवाबदेही की मांग को लेकर हो रहा है।
अरविंद केजरीवाल ने लोगों सेे की अपील
इसी बीच, आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने नागरिकों से प्रस्तावित प्रदर्शनों में भाग लेने का आह्वान किया और आरोप लगाया कि केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार के तहत बड़े पैमाने पर वोटों की हेराफेरी की जा रही है। केजरीवाल ने केंद्र पर लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा का समर्थन न करने वाले लोगों के वोट हटाए जा रहे हैं और फर्जी वोट डाले जा रहे हैं। ये आरोप आप नेता ने लगाए हैं और उनके बयान में इनकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है।
अरविंद केजरीवाल ने कहा 'मैं पूरे देश के सभी लोगों से अपील करता हूं कि केंद्र में भाजपा सरकार जिस तरह से हमारे लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ कर रही है, उससे बड़े पैमाने पर लोगों के वोट हटाए जा रहे हैं। जो लोग भाजपा को वोट नहीं देते, उनके वोट हटा दिए जाते हैं, जबकि फर्जी वोट डाले जाते हैं। ज्ञानेश कुमार के शासनकाल में यह सब खुलेआम हो रहा था।' केजरीवाल ने देश भर के नागरिकों से जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में इकट्ठा होने की अपील करते हुए जोर दिया कि प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल के बारे में नहीं है, बल्कि पूरे देश से संबंधित है। उन्होंने कहा 'पूरा देश ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है। मैं सभी से, देश के सभी नागरिकों से अपील करता हूं कि वे जंतर-मंतर पर अधिक से अधिक संख्या में इकट्ठा हों। यह किसी एक व्यक्ति या पार्टी के बारे में नहीं है; यह देश के बारे में है।'
अभिजीत दीपके का बयान
बता दें, ये बयान दिल्ली पुलिस द्वारा 10 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन के लिए अनुमति मांगने वाले आवेदन को खारिज करने के बाद आया है। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त से जवाबदेही की मांग को लेकर किया जाना था। पुलिस ने आवेदन के लिए दी गई कम समय सीमा, पिछले प्रदर्शन के दौरान निर्देशों का कथित उल्लंघन और मौजूदा कानून-व्यवस्था संबंधी चिंताओं का हवाला दिया। शुक्रवार को, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ता अभिजीत दीपके ने दोहराया कि दिल्ली पुलिस से अनुमति न मिलने के बावजूद संगठन 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर अपना प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन करेगा।
दिपके ने जोर देकर कहा कि पुलिस की अनुमति मिले या न मिले, प्रदर्शन जरूर होगा और कार्यकर्ता हिरासत या गिरफ्तारी का सामना करने के लिए तैयार हैं। प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले लागू किए गए सुरक्षा उपायों पर सवाल उठाते हुए, दिपके ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय राजधानी में सार्वजनिक परिवहन और आवागमन पर प्रतिबंध से आम नागरिकों को असुविधा होगी। उन्होंने कहा 'यह कैसा डर है? आप इतने भयभीत क्यों हैं? आप देश के युवाओं से डर रहे हैं। आप ट्रेनें बंद कर देते हैं, आप मेट्रो बंद कर देते हैं; अब क्या करें?' उन्होंने मेट्रो सेवाओं, रेलवे संचालन और सड़कों पर लगाए गए प्रतिबंधों पर भी सवाल उठाया और तर्क दिया कि ऐसे उपाय स्वयं यात्रियों के लिए कठिनाई पैदा कर सकते हैं।
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