
Stock Market: आईटी सेक्टर के शेयरों में शुक्रवार, 13 फरवरी को लगातार गिरावट देखी गई। निवेशकों की चिंता आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बढ़ती प्रतिस्पर्धा और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में जल्द कटौती की उम्मीद कम होने से बढ़ी है। इसका असर सीधे टेक्नोलॉजी कंपनियों के शेयरों पर पड़ा। सुबह 9:50 बजे निफ्टी आईटी इंडेक्स 4.59% यानी करीब 1,520 अंक गिरकर 31,639 पर आ गया। यह गिरावट लगभग सभी बड़ी आईटी कंपनियों में देखने को मिली। इंफोसिस 6.13% गिरकर 1,299 रुपये पर आ गया, जबकि टीसीएस 4.77% टूटकर 2,619 रुपये पर पहुंच गया।
एचसीएल टेक 4.48%, विप्रो 3.64% और टेक महिंद्रा 2.66% की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। मिड-कैप आईटी कंपनियां भी दबाव में रहीं। कोफोर्ज 5.32% गिरा, पर्सिस्टेंट सिस्टम्स 3.16% लुढ़ककर 5,279 रुपये पर आ गया और एलटीआईमाइंडट्री 3.62% टूटकर 5,023 रुपये पर पहुंच गया।
12 फरवरी को निफ्टी के हालत
गुरुवार, 12 फरवरी को भी निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 10 महीने के निचले स्तर के पास पहुंच गया था और इस साल अब तक यह सबसे कमजोर सेक्टर बना हुआ है। अमेरिका में भी भारतीय आईटी कंपनियों के एडीआर में तेज गिरावट दर्ज की गई। न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज पर इंफोसिस का शेयर करीब 10% गिरकर 14.21 डॉलर पर बंद हुआ, जबकि विप्रो 5% गिरकर 2.28 डॉलर पर आ गया।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस गिरावट की बड़ी वजह एंथ्रोपिक नामक कंपनी का नया एआई प्रोडक्ट है, जो क्लॉड चैटबॉट के लिए जानी जाती है। निवेशकों को डर है कि एआई के बढ़ते उपयोग से पारंपरिक आईटी सेवाओं की मांग घट सकती है। इससे कंपनियों की कमाई और मुनाफे पर असर पड़ सकता है। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के वीके विजयकुमार का कहना है कि “एंथ्रोपिक के झटके के बाद टेक शेयरों की जल्द रिकवरी की संभावना कम है।” कुछ विश्लेषकों का अनुमान है कि अगर ऑटोमेटेड सिस्टम्स ने इंसानों की जगह काम संभाल लिया, तो आईटी कंपनियों की करीब 40% आमदनी खतरे में पड़ सकती है।
ब्रोकरेज हाउस ने दी चेतावनी
ब्रोकरेज हाउस मोतीलाल ओसवाल ने भी चेतावनी दी है कि एआई पारंपरिक सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और टेस्टिंग जैसे कामों को कम अहम बना सकता है। हालांकि, उन्होंने अगले तीन से छह महीनों में संभावित साझेदारियों पर नजर रखने की सलाह दी है, जिससे 2026 के मध्य तक एआई आधारित नए सौदों के अवसर बन सकते हैं।
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