विदेश मंत्रालय के प्रवक्त्ता का पाकिस्तान को सीधी चेतावनी, POK खाली करने की दो टूक

India Action on Pakistan: भारत ने पाकिस्तान के साथ किसी भी बातचीत का आधार स्पष्ट करते हुए कहा है कि जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर केवल एक ही विषय पर चर्चा होगी और वह है पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) को खाली करना। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह दो टूक बयान दिया। जिसने भारत-पाकिस्तान संबंधों में एक नया अध्याय जोड़ा है।
पाकिस्तान को सख्त संदेश
रणधीर जायसवाल ने प्रेस वार्ता में कहा "हमारी नीति बिल्कुल स्पष्ट और साफ है। पाकिस्तान के साथ किसी भी तरह की बातचीत केवल PoK को भारत को सौंपने के मुद्दे पर होगी। जम्मू-कश्मीर भारत का अंग है। और इस पर किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता स्वीकार्य नहीं है।" उन्होंने आगे कहा कि पाकिस्तान को आतंकवाद को बढ़ावा देना बंद करना होगा, क्योंकि आतंक और बातचीत एक साथ नहीं चल सकते। यह बयान हाल के दिनों में भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव के कारण आया है। पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद, जिसमें 26 लोग मारे गए थे।
ऑपरेशन सिंदूर की सफलता
जायसवाल ने भारत की सैन्य कार्रवाई 'ऑपरेशन सिंदूर' का जिक्र करते हुए कहा कि इस ऑपरेशन ने पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश दिया है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाएगा। उन्होंने कहा "पाकिस्तान को यह समझना होगा कि आतंकवाद का समर्थन बंद करना उनकी जिम्मेदारी है। हमारी सेना ने सटीक हमलों के जरिए आतंकी ठिकानों को बुरा तरह नष्ट किया और यह भारत की तकनीकी और सैन्य शक्ति का प्रतीक है।"
पाकिस्तान की प्रतिक्रिया
पाकिस्तान ने भारत के इस रुख को उकसाने वाला कह रहा है लेकिन भारत ने यह साफ किया कि वैश्विक समुदाय भारत के पक्ष में है। साथ ही जायसवाल ने कहा "कई देशों ने पहलगाम हमले को आतंकवादी कृत्य माना और भारत के आत्मरक्षा के अधिकार को स्वीकार किया।" भारत ने इंडस वाटर ट्रीटी को तब तक निलंबित रखने का फैसला किया है। जब तक पाकिस्तान आतंकवाद का समर्थन पूरी तरह बंद नहीं करता है।
PoK पर भारत का दावा
जायसवाल ने दोहराया कि PoK भारत का हिस्सा है और पाकिस्तान का उस पर कब्जा अवैध है। पाकिस्तान को PoK से अपनी अवैध कब्जा छोड़ना होगा। यह हमारा राष्ट्रीय रुख है, और इसमें कोई बदलाव नहीं होगा । किसी भी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता को स्वीकार नहीं किया जाएगा। जायसवाल ने कहा "भारत और पाकिस्तान के बीच का मसला द्विपक्षीय है, और इसे हम स्वयं सुलझाएंगे।" यह बयान भारत की कूटनीतिक और सैन्य दृढ़ता को दर्शाता है।
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