
RG Kar Case: कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक महिला डॉक्टर के साथ हुई दरिंदगी के मामले में सियालदह कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने आरोपी संजय रॉय को दोषी ठहराया है। यह घटना अगस्त 2024की रात की है, जब महिला डॉक्टर के साथ बलात्कार कर उसकी हत्या कर दी गई थी। फिलहाल, दोषी ठहराए गए संजय रॉय को सजा सोमवार को सुनाई जाएगी।
मामले की सुनवाई 57दिन तक चली। लगभग 162दिन बाद कोर्ट ने यह फैसला सुनाया। पहले इस केस की जांच कोलकाता पुलिस कर रही थी, लेकिन बाद में इसे सीबीआई को सौंपा गया। सीबीआई ने 13अगस्त 2024को जांच शुरू की और 120से अधिक गवाहों के बयान दर्ज किए। सीबीआई के वकील ने आरोपी को दोषी साबित करने के लिए जैविक साक्ष्य पेश किए। इसमें डीएनए और विसरा नमूने शामिल थे। हालांकि, आरोपी संजय रॉय ने कोर्ट में खुद को दोषी नहीं माना।
सीबीआई के दावे
सीबीआई ने दावा किया कि पीड़िता ने अपनी जान बचाने के लिए काफी संघर्ष किया था। इस दौरान उसने आरोपी संजय रॉय के शरीर पर पांच घाव किए। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि पीड़िता के शरीर पर लार के स्वाब और डीएनए के नमूने संजय रॉय से मेल खाते हैं। सीबीआई ने इस घटना को अमानवीय और जघन्य अपराध बताया।
मेडिकल रिपोर्ट
जांच के दौरान, एक मेडिकल बोर्ड ने यह पुष्टि की है कि पीड़िता की मौत गला घोंटने से हुई थी। पीड़िता के शरीर पर हिंसा के गंभीर निशान थे। वह अत्यधिक रक्तस्राव से पीड़ित थी। उसकी आंखों, मुंह और गुप्तांगों से खून बह रहा था, और गर्दन और होठों पर चोट के निशान पाए गए थे।
सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप
इस मामले के बाद, सुप्रीम कोर्ट ने डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी। देशभर में डॉक्टरों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय टास्कफोर्स का गठन किया गया। यह घटना न केवल एक गंभीर अपराध का उदाहरण है, बल्कि डॉक्टरों की सुरक्षा के सवालों को भी उजागर करती है, जिन्हें समाज की सेवा करते हुए अपनी जान जोखिम में डालनी पड़ती है।
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