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हरियाणा में अवैध निर्माण पर सख्ती, 20 हजार से ज्यादा इमारतों पर कार्रवाई की तैयारी

Shivani Jha | 02 May, 2026

Haryana Bulldozer Action: हरियाणा में स्टिल्ट प्लस फोर मंजिला निर्माण के नाम पर हो रहे अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई शुरू हो गई है। नगर निगम की एक आंतरिक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि राज्य में 20 हजार से ज्यादा अवैध निर्माण खड़े हो चुके हैं, जिन्हें हटाने की तैयारी की जा रही है। इस मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। अदालत में चल रही जनहित याचिका (सुनील सिंह बनाम हरियाणा राज्य) की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने साफ निर्देश दिए हैं कि नियमों का उल्लंघन करने वाले सभी निर्माण और अतिक्रमण तुरंत हटाए जाएं। कोर्ट ने अधिकारियों को इस मामले में सख्त कदम उठाने की छूट भी दी है।

हाईकोर्ट ने दिया आदेश 

हाईकोर्ट के आदेश के बाद शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय ने राज्य के सभी नगर निगमों और नगर परिषदों को जरूरी नोटिस जारी किया। इसमें अवैध निर्माण और उन पर की जा रही कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट तुरंत देने को कहा गया था। हालांकि, तय समय के बाद भी कई नगर निगमों ने रिपोर्ट नहीं सौंपी, जिससे प्रशासनिक स्तर पर चिंता बढ़ गई है। रिपोर्ट के अनुसार, गुरुग्राम में स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर है। यहां 200 से अधिक कॉलोनियों में नियमों को नजरअंदाज कर बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण किया गया है। बिल्डरों और प्लॉट मालिकों ने चार मंजिल की अनुमति के बावजूद पांच और छह मंजिल तक इमारतें खड़ी कर दी हैं।

सड़कों और गलियों में भी अतिक्रमण

इसके अलावा, सड़कों और गलियों में भी बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हुआ है। लोगों ने घरों के बाहर ऊंचे रैंप और चारदीवारी बनाकर रास्तों को संकरा कर दिया है, जिससे ट्रैफिक जाम की समस्या बढ़ गई है। कई जगहों पर एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड का निकलना भी मुश्किल हो गया है। निगम अब ग्रीन बेल्ट में बने अवैध निर्माण, स्टिल्ट पार्किंग को कमरों में बदलने और सड़कों पर किए गए अतिक्रमण को हटाने के लिए अभियान चलाने जा रहा है। साथ ही चौथी मंजिल के पंजीकरण और इंफ्रास्ट्रक्चर फंड से जुड़े रिकॉर्ड्स की भी जांच की जाएगी।

प्रशासन ने दी चेतावनी

प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अगर अधिकारी समय पर रिपोर्ट नहीं देंगे, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे मामले में नगर निगम की लापरवाही भी सामने आई है, क्योंकि पहले से बनी प्रवर्तन टीमें होने के बावजूद अवैध निर्माण पर रोक नहीं लग पाई। अब उम्मीद की जा रही है कि इस सख्ती के बाद शहर में अवैध निर्माण पर लगाम लगेगी और आम लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

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