Punjab Politics: आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर इन दिनों राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पार्टी को बड़ा झटका तब लगा जब राघव चड्ढा समेत तीन सांसदों ने पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया। वहीं, चार अन्य सांसदों को लेकर अभी भी सस्पेंस बना हुआ है, जिससे सियासी माहौल और गरम हो गया है। इस पूरे घटनाक्रम पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तंज भरा पोस्ट शेयर करते हुए पार्टी छोड़ने वाले नेताओं की तुलना “7 मसालों” से कर दी। मान ने लिखा कि अदरक, लहसुन, जीरा, मेथी पाउडर, लाल मिर्च, काली मिर्च और धनिया मिलकर सब्जी को स्वादिष्ट बनाते हैं, लेकिन ये अकेले कुछ नहीं होते। उनका इशारा साफ था कि पार्टी से बाहर जाकर इन नेताओं की अहमियत कम हो जाएगी।
बलबीर सिंह ने भी जताई नाराजगी
वहीं, आप नेता बलबीर सिंह ने भी इस मुद्दे पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जिन नेताओं को पार्टी ने आगे बढ़ाया, उन्होंने ही जनता और पार्टी के साथ विश्वासघात किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर इन नेताओं में नैतिकता होती तो वे पहले इस्तीफा देकर जाते। बलबीर सिंह ने इसे बीजेपी का “ऑपरेशन लोटस” बताया और कहा कि बीजेपी इसी तरह दूसरी पार्टियों को तोड़ने का काम करती है।
आज होगा अंतिम फैसला
जानकारी के मुताबिक, राज्यसभा में आप के कुल सात सांसदों के बीजेपी में विलय की प्रक्रिया पूरी होने की संभावना है। बताया जा रहा है कि इससे जुड़ी कानूनी और तकनीकी प्रक्रियाएं लगभग पूरी हो चुकी हैं और आज इस पर अंतिम फैसला हो सकता है। अगर राज्यसभा के सभापति इस विलय को मंजूरी दे देते हैं, तो यह AAP के लिए संसद में अब तक का सबसे बड़ा झटका होगा।
AAP की ताकत होगी कम
जानकारी के अनुसार, संदीप पाठक और अशोक मित्तल भी बीजेपी में शामिल हो चुके हैं। वहीं, हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, विक्रम साहनी और राजिंदर गुप्ता के नामों को लेकर अभी स्थिति साफ नहीं है। अगर यह विलय होता है, तो राज्यसभा में AAP की ताकत घटेगी और बीजेपी की स्थिति और मजबूत हो सकती है। इससे आने वाले दिनों में पंजाब और राष्ट्रीय राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।