CM Yogi: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज 05 अक्टूबर 2026 सोमवार को एक जनदर्शन सत्र का आयोजन किया, जिसमें उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल शिक्षा के विस्तार पर प्रकाश डाला और कहा कि प्रौद्योगिकी आधारित शैक्षणिक केंद्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए शहरी-ग्रामीण अंतर को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। योगी आदित्यनाथ ने X पर एक पोस्ट में ग्रामीण युवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में ग्राम सचिवालयों में डिजिटल पुस्तकालयों की स्थापना का उल्लेख किया।
उन्होंने लिखा 'अब शहर की दूरी शिक्षा में बाधा नहीं बनेगी। ज्ञान का डिजिटल द्वार गांवों में खुल गया है। जब भी किसी ग्रामीण बच्चे को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करनी होती थी, तो उसे पुस्तकों और बेहतर संसाधनों के लिए शहर जाना पड़ता था। इस दूरी में समय और धन दोनों खर्च होते थे। अब बहराइच के तेजवापुर ब्लॉक के खासा मोहम्मदपुर में डिजिटल पुस्तकालय ने इस दूरी को खत्म कर दिया है।' मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि यह पुस्तकालय पारंपरिक अध्ययन विधियों और आधुनिक तकनीक को एक ही छत के नीचे लाएगा। मुख्यमंत्री ने लिखा 'ग्राम पंचायत सचिवालय में स्थापित यह पुस्तकालय पुस्तकों और कंप्यूटरों, पारंपरिक अध्ययन विधियों और आधुनिक तकनीक को एक ही छत के नीचे ला रहा है।'
प्रशासन ने पुस्तकालयों को कंप्यूटर, हाई-स्पीड वाई-फाई, स्मार्ट टीवी, प्रिंटर और सीसीटीवी निगरानी से सुसज्जित किया है, साथ ही राष्ट्रीय पुस्तक ट्रस्ट के साथ साझेदारी के माध्यम से भौतिक साहित्य भी उपलब्ध कराया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा 'यहां कंप्यूटर, प्रिंटर, हाई-स्पीड इंटरनेट, वाई-फाई, स्मार्ट टीवी और सीसीटीवी जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकों के साथ-साथ राष्ट्रीय पुस्तक ट्रस्ट का साहित्य भी उपलब्ध है। कहने का तात्पर्य यह है कि चाहे आपको पढ़ने के लिए पुस्तकों की आवश्यकता हो या तैयारी के लिए डिजिटल सामग्री की, दोनों अब गांव में ही उपलब्ध हैं।'
व्यवस्था के बारे में विस्तार से बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा 'संसाधनों की उपलब्धता बढ़ने से सपनों का मार्ग भी आसान हो गया है। बच्चे और युवा यहां ई-लर्निंग से जुड़कर अध्ययन कर रहे हैं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को एक नया आयाम दे रहे हैं। शहर आने-जाने में लगने वाला समय और पैसा अब उनकी शिक्षा में निवेश किया जा रहा है।' पिछले वर्षों की तुलना में प्रौद्योगिकी आधारित शिक्षण स्थानों के विस्तार का विवरण देते हुए, मुख्यमंत्री ने युवा शिक्षार्थियों के लिए डिजिटल उपकरणों के व्यापक उपयोग का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा 'यह बदलाव केवल एक गाँव तक सीमित नहीं है। 2017 से पहले, राज्य और जिला स्तर पर लगभग 76 स्थानों पर ई-पुस्तकालय उपलब्ध थे; आज, डिजिटल पुस्तकालय 57,600 ग्राम पंचायतों तक पहुँच चुके हैं। डिजिटल शिक्षा केवल स्कूलों तक ही सीमित नहीं है; लगभग 60 लाख युवाओं को स्मार्टफोन और टैबलेट उपलब्ध कराए गए हैं।' कक्षा आधुनिकीकरण के प्रयासों पर विस्तार से बताते हुए उन्होंने कहा कि हजारों संस्थानों में उन्नत डिजिटल अवसंरचना के साथ मूलभूत शिक्षण वातावरण को उन्नत बनाया गया है।
उन्होंने आगे कहा 'आज राज्य भर के 32,000 से अधिक विद्यालयों में स्मार्ट कक्षाओं के माध्यम से और 15,000 से अधिक विद्यालयों में आईसीटी प्रयोगशालाओं के माध्यम से शिक्षा को नई तकनीक से एकीकृत किया जा रहा है।' वर्तमान प्रगति की तुलना अतीत के संसाधनों से करते हुए उन्होंने कहा 'दूसरी ओर, 2012-16 के दौरान पर्याप्त सरकारी निधि होने के बावजूद, 622,000 बच्चों को पाठ्यपुस्तकें नहीं मिलीं और 97 लाख बच्चों को वर्दी नहीं मिली। शिक्षा में संसाधनों की उपलब्धता से लेकर उनकी सुलभता तक, उत्तर प्रदेश ने एक लंबा सफर तय किया है। अभिभावकों के लिए भी यह बदलाव विश्वास का आधार बन गया है। उनके बच्चों को आधुनिक शैक्षिक संसाधनों के लिए अब गांव से बाहर नहीं जाना पड़ता।'
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य ग्राम पंचायत डिजिटल पुस्तकालय पहल का परिणाम जमीनी स्तर पर दिखाई दे रहा है। उन्होंने आगे कहा 'उत्तर प्रदेश सरकार की ग्राम पंचायत डिजिटल लाइब्रेरी पहल का असर ज़मीनी स्तर पर दिखाई दे रहा है। ग्राम पंचायत सचिवालय अब न केवल प्रशासनिक सेवाओं के केंद्र के रूप में, बल्कि ज्ञान और प्रौद्योगिकी के केंद्रों के रूप में भी नई भूमिका निभा रहे हैं।' ग्रामीण जिलों में हो रहे सांस्कृतिक बदलाव की पुष्टि करते हुए आदित्यनाथ ने कहा 'खासाहा मोहम्मदपुर की यह डिजिटल लाइब्रेरी बदलाव का जीता-जागता उदाहरण है। गांव बदल रहा है, शिक्षा का माहौल बदल रहा है और ज्ञान का प्रकाश अब बच्चों के घर-घर तक पहुंच रहा है।'
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