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Jio Platforms IPO: खुलते ही संस्थागत निवेशकों में मची होड़, QIB कैटेगरी फुल सब्सक्राइब; रिटेल निवेशकों का क्या है हाल?

Jio Platforms IPO: खुलते ही संस्थागत निवेशकों में मची होड़, QIB कैटेगरी फुल सब्सक्राइब; रिटेल निवेशकों का क्या है हाल?

Jio Platforms IPO:रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स का बहुप्रतीक्षित आईपीओ 21 अक्टूबर 2026 को खुलते ही निवेशकों के बीच चर्चा का विषय बन गया। कंपनी के करीब 30,213 करोड़ रुपये के इस आईपीओ को पहले ही दिन जोरदार प्रतिक्रिया मिली। खास बात यह रही कि क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) कैटेगरी में संस्थागत निवेशकों ने जबरदस्त दिलचस्पी दिखाई और यह हिस्सा कुछ ही समय में कई गुना सब्सक्राइब हो गया। शुरुआती कारोबारी आंकड़ों के मुताबिक, आईपीओ को कुल मिलाकर भी पहले दिन ही पूरा सब्सक्रिप्शन मिल गया। यह भारत के सबसे बड़े सार्वजनिक निर्गमों में शामिल है और बाजार में इसकी मांग पर निवेशकों की नजर बनी हुई है।

जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ का प्राइस बैंड 1,065 रुपये से 1,119 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। कंपनी इस निर्गम के जरिए करीब 30,213 करोड़ रुपये जुटाने की योजना के साथ बाजार में उतरी है। आईपीओ में आवेदन करने के लिए निवेशकों को निर्धारित लॉट साइज और प्राइस बैंड के अनुसार रकम लगानी होगी। सार्वजनिक निर्गम 21 अक्टूबर से 23 अक्टूबर 2026 तक खुला रहेगा। शुरुआती आंकड़ों में QIB श्रेणी की मजबूत मांग से साफ है कि बड़े संस्थागत निवेशक इस इश्यू में रुचि ले रहे हैं। हालांकि, आईपीओ में निवेश से पहले कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, कारोबार की संभावनाओं और जोखिमों का आकलन करना जरूरी है।

QIB कैटेगरी में जोरदार मांग

आईपीओ खुलने के कुछ ही समय बाद योग्य संस्थागत खरीदारों यानी QIB कैटेगरी में उपलब्ध शेयरों के मुकाबले कई गुना बोलियां दर्ज की गईं। 21 अक्टूबर को सुबह करीब 11:15 बजे तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, QIB हिस्सा लगभग 3.77 गुना सब्सक्राइब हो चुका था। वहीं, कुल इश्यू को भी करीब 1.23 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था। संस्थागत निवेशकों की मजबूत भागीदारी ने शुरुआती मांग को बढ़ावा दिया। हालांकि, सब्सक्रिप्शन के ये आंकड़े समय के साथ बदल सकते हैं और अंतिम स्थिति आईपीओ बंद होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

रिटेल निवेशकों की रफ्तार धीमी, निवेश से पहले जानें जरूरी बातें

जहां संस्थागत निवेशकों ने आईपीओ में तेजी दिखाई, वहीं खुदरा निवेशकों की ओर से शुरुआती प्रतिक्रिया अपेक्षाकृत धीमी रही। 21 अक्टूबर को सुबह करीब 11:15 बजे तक रिटेल कैटेगरी लगभग 31 प्रतिशत सब्सक्राइब हुई थी। गैर-संस्थागत निवेशकों (NII) की श्रेणी में भी उस समय तक पूरा सब्सक्रिप्शन नहीं आया था। आईपीओ में आवेदन करने की अंतिम तारीख 23 अक्टूबर 2026 है, इसलिए आगे के कारोबारी सत्रों में इन आंकड़ों में बदलाव संभव है। निवेशकों को केवल शुरुआती सब्सक्रिप्शन या ग्रे मार्केट प्रीमियम देखकर फैसला नहीं करना चाहिए। कंपनी की कारोबारी स्थिति, मूल्यांकन, संभावित जोखिम और अपनी वित्तीय जरूरतों को ध्यान में रखकर ही निवेश का निर्णय लेना बेहतर होगा।

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