US-Iran War: अमेरिका-ईरान युद्ध में पल-पल की बयानबाजी और चौंकाने वाले दावे ने रज्ञा विशेषज्ञों को भी चौंका दिया है। एक तरफ ट्रंप ने 48 घंटे की मोहलत ईरान को दी है। अब दूसरी तरफ ये दावा किया जा रहा है कि अमेरिक-ईरान के बीच 45 दिनों के लिए युद्धविराम हो सकता है। जिसके लिए बातचीच चल रही है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक, राजनयिक प्रयासों की जानकारी रखने वाले सूत्रों की तरफ से ये दावे किए जा रहे हैं कि पाकिस्तान, मिस्त्र और तुर्किए में बातचीत की जा रही है। साथ ही अमेरिकी दूत विटकॉफ और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच गुप्त गुप्त रूप से बातचीत चल रही है।
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को दिया अल्टीमेटम
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से लगातार ईरान को अल्टीमेटम दिया जा रहा है। 5 अप्रैल को ही ट्रंप ने 48 घंटे की मोहलत दी गई है। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के पास दो ही रास्ते है। पहला या तो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोल दें। दूसरा परमाणु हथियार पर समझौते के लिए ईरान तैयार हो जाए। इसके साथ ही ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान ने इन दो में से किसी एक फॉर्मूले को लागू करने से मना किया तो भीषण हमला करेंगे। ईरान के ऊर्जा केंद्र को भी निशाना बनाया जा सकता है।
ट्रंप के बयान पर ईरान का पलटवार
ट्रंप ने रविवार यानी 5 अप्रैल को कहा कि हमारी स्थिति बहुत मजबूत है और उस देश को पुननिर्माण होने में 20 साल लगेंगे। अगर वह भाग्यशाली रहे, अगर उनका देश बचा रहा तो। ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान 7 अप्रैल तक कुछ नहीं करता है तो उनके पास कोई बिजली संयंत्र नहीं होगा। कोई पुल भी नहीं बचेगा। वहीं, ईरान की संसद के स्पीकर एमबी गालिबाफ ने ट्रंप की धमकियों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि युद्ध अपराधों से आपको कुछ हासिल नहीं होगा।