Uttar Pradesh Election:उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव अगले साल फरवरी-मार्च में होने है लेकिन, अब चर्चा है कि चुनाव तय समय से पहले कराए जा सकते हैं। बताया जा रहा है कि चुनाव आयोग को इस बात की खबर दी गई है कि फरवरी मार्च में देश भर में जनगणना का काम तेजी से किया जाना है।
कैबिनेट की बैठक में जनगणना को समय सीमा के भीतर पूरी करने को हरी झंडी दे दी गई है। जिसके चलते इसी साल नवंबर-दिसंबर में विधानसभा चुनाव कराए जाने के कयास लगाए जा रहे हैं।
फरवरी-मार्च में होगी जनगणना
दरअसल, एक एक साथ जनगणना और चुनाव कराना प्रशासन के लिए आसान नहीं होगा। उत्तर प्रदेश जैसे राज्य में एक साथ दोनों काम करना लगभग असंभव होगा। निर्वाचन आयोग के पास चुनाव को आगे टालने का विकल्प नहीं हैं क्योंकि, ऐसा करने पर उत्तर प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाना पड़ सकता है। चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार, विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने के 6 महीने पहले कभी भी चुनाव कराए जा सकते हैं। इसके लिए संसद से किसी विशेष मंजूरी की आवश्यकता नहीं होगी। यही वजह है कि फरवरी-मार्च के बजाए नवंबर-दिसंबर में चुनाव कराने के कयास लगाए जा रहे हैं।
सियासी दलों की तैयारी शुरू
बताया जा रहा है कि अखिलेश यादव अपनी पार्टी मीटिंग में नेताओं और कार्यकर्ताओं को साफ-साफ कह चुके हैं कि सरकार वक्त से पहले चुनाव करवा सकती है। वहीं, भाजपा के भीतर भी इस बात की चर्चा है कि हर हाल में अगर तय वक्त से पहले चुनाव होता है तो उसकी तैयारी रखनी है। हालांकि, चुनाव आयोग की तरफ से अभी तक कोई ऐसी बात सामने नहीं आई है लेकिन, सियासी दलों में चर्चा है कि चुनाव तय वक्त से पहले हो सकता है।