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एक ही आसमान के नीचे दो आस्थाएं ने एक साथ ली सांस, बीकानेर में देखने को मिला गजब का नाजारा

Parth Jha | 21 Mar, 2026

Bikaner Newsकभी-कभी शहर सिर्फ बसता नहीं, बल्कि अपने भीतर एक कहानी भी जीता है। इस बार बीकानेर ने ऐसी ही एक खूबसूरत कहानी लिखी जहां एक ही आसमान के नीचे दो आस्थाएं साथ-साथ सांस लेती नजर आईं।सुबह के वक्त बड़ी ईदगाह में हजारों सिर एक साथ झुके हुए थे। सफेद कपड़ों में सजे लोग खुदा की बारगाह में सजदा कर रहे थे। अज़ान की गूंज के बीच दुआएं मांगी जा रही थीं, अमन की, तरक्की की और भाईचारे की।

नमाज़ के बाद जब लोग गले मिले, तो सिर्फ ईद मुबारक ही नहीं, बल्कि अपनापन भी बांटा गयाऔर ठीक उसी समय, ज्यादा दूर नहीं। नया शहर इलाके की एक छत पर एक अलग ही रंग बिखरा हुआ था। रंग-बिरंगे परिधानों में सजी हिंदू कन्याएं गणगौर माता के गीत गा रही थीं। हाथों में पूजा की थाल, चेहरे पर श्रद्धा और मन में उम्मीद पूरा माहौल भक्ति और उल्लास से भरा था। एक ओर अज़ान की सादगी, दूसरी ओर लोकगीतों की मधुरता दोनों मिलकर ऐसा समां बना रहे थे, जैसे शहर खुद कह रहा हो कि हम अलग जरूर हैं, पर दूर नहीं।

हर दुआ और हर प्रार्थना एक ही बात कहती है...

यह दृश्य न तो सिर्फ ईद का था, न ही केवल गणगौर का यह उस भरोसे का था, जो लोगों को जोड़ता है। यह उस संस्कृति का था, जहां त्योहार सिर्फ अपने नहीं, सबके होते हैं।बीकानेर ने फिर साबित कर दिया कि यहां त्योहार दीवारें नहीं खड़ी करते, बल्कि दिलों के बीच पुल बनाते हैं। जहां हर दुआ और हर प्रार्थना एक ही बात कहती है, इंसानियत सबसे ऊपर है।