Iran USA Ceasefire: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए सीजफायर पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि करीब 39 दिन चले इस युद्ध के बाद आखिर अमेरिका को क्या हासिल हुआ। बुधवार, 8 अप्रैल 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए उमर अब्दुल्ला ने कहा कि सीजफायर के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की बात कही जा रही है, जबकि यह रास्ता पहले से ही सभी के लिए खुला था।
क्या हुआ युद्ध का फायदा?
उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि अगर सीजफायर का मतलब उसी जलडमरूमध्य को खोलना है, जो पहले से ही खुला और इस्तेमाल के लिए उपलब्ध था, तो इस 39 दिन के युद्ध का क्या फायदा हुआ। उन्होंने अपने पोस्ट में “UnjustWar” हैशटैग का भी इस्तेमाल किया। गौरतलब है कि होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक व्यापार और तेल आपूर्ति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है। इस रास्ते से दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल सप्लाई होता है, इसलिए यहां किसी भी तरह का तनाव वैश्विक बाजार को प्रभावित करता है।
अस्थायी सीजफायर हुआ लागू
बताया जा रहा है कि ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच दो हफ्तों का अस्थायी सीजफायर लागू हुआ, जिससे पश्चिम एशिया में चल रहा तनाव कुछ हद तक कम हुआ है। इस युद्ध के चलते वैश्विक ऊर्जा बाजार में भी भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस सीजफायर को लेकर अपने रुख में नरमी दिखाई और पहले दी गई कड़ी चेतावनियों से पीछे हटते नजर आए। इससे पहले उन्होंने ईरान के खिलाफ सख्त बयान दिए थे।
इस पूरे घटनाक्रम पर उमर अब्दुल्ला की टिप्पणी ने एक नई बहस छेड़ दी है। कई लोग उनके सवाल को सही मान रहे हैं, तो कुछ इसे राजनीतिक बयान बता रहे हैं। फिलहाल, दो हफ्तों के इस सीजफायर से क्षेत्र में शांति की उम्मीद जरूर बढ़ी है, लेकिन आगे की स्थिति क्या होगी, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।