Amaravati Capital Andhra Pradesh: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने आज ऐलान किया कि अमरावती अब राज्य की एकमात्र और स्थायी राजधानी है। संसद द्वारा आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2026 के पारित होने के बाद यह ऐतिहासिक फैसला लिया गया, जिससे अमरावती को कानूनी रूप से 'प्रजा राजधानी' का दर्जा मिल गया है। यह घोषणा 2014 के राज्य पुनर्गठन अधिनियम के बाद ठीक 12 साल बाद की गई है, जब बिफरकेशन के बाद राजधानी को लेकर चली अनिश्चितता अब हमेशा के लिए खत्म हो गई।
CM नायडू का बड़ा ऐलान
मुख्यमंत्री नायडू ने लोकसभा में विधेयक पारित होने पर इसे 'ऐतिहासिक और भावुक पल' बताया। उन्होंने कहा कि अब कोई भी भविष्य में अमरावती को छू भी नहीं सकता। उन्होंने एक्स पर लिखा 'लोकसभा में आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2026 के पारित होने से लाखों लोगों की आकांक्षाएं संसद में व्यक्त हुई हैं।' नायडू ने केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और सभी सांसदों का आभार जताया, जिन्होंने किसानों के बलिदान को सम्मान दिया। उन्होंने राज्यसभा में भी इसी तरह का समर्थन मिलने की उम्मीद जताई।
यह विधेयक आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2014 की धारा 5 में संशोधन करता है और 2 जून 2024 से प्रभावी रूप से अमरावती को राज्य की एकमात्र राजधानी घोषित करता है। इससे पहले राज्य विधानसभा ने 28 मार्च 2026 को सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर केंद्र से कानूनी मान्यता की मांग की थी। विधेयक के पारित होने से पूर्ववर्ती सरकार की 'तीन राजधानियों' वाली नीति (अमरावती-विधायी, विशाखापट्टनम-कार्यकारी और कुरनूल-न्यायिक) को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है, जिसे नायडू ने राज्य के विकास में बाधक बताया था।